Blog: AI से मृत यूजर्स की Notifications बंद करेगा फेसबुक

फेसबुक पर किसी मृत यूजर के बर्थडे Notifications या इवेंट में इनवाइट करने के रिमांइडर देने से उस यूजर से जुड़े अन्य लोगों को दुख या तनाव का सामना करना पड़ सकता है। फेसबुक इस बात को समझते हुए अब मृत यूजर्स से जुड़ी Notifications बंद करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करेगा।

कंपनी एआई की मदद से ऐसे अकाउंट्स का पता लगाएगी, जिसके यूजर की मौत हो चुकी है लेकिन उसके दोस्तों को अब भी उनके बर्थडे रिमाइंडर या ऐसी ही नोटिफिकेशन मिलती रहती हैं। फेसबुक ऐसे अकाउंट के नोटिफिकेशन बंद कर देगी, जिससे उनसे जुड़े लोगों को नोटिफिकेशन देखकर दुख ना हो।

फेसबुक ने 18 साल से कम उम्र में मर चुके यूजर्स के पैरेंट्स को उनका लेगेसी कॉन्टेक्ट बनने का फीचर भी शुरू किया है। साथ ही मेमोरलाइज्ड अकांउट पर नया ट्रिब्यूट सेक्शन और अकाउंट मैनेजर के लिए बेहतर कंट्रोल ऑप्शन भी इंट्रोड्यूस किए हैं।

फेसबुक की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शैरिल सैंडबर्ग ने एक ब्लॉग के जरिए बताया, ‘अगर कोई अकाउंट मेमोरलाइज्ड नहीं किया गया है, तो हम एआई टूल की मदद लेते हैं ताकि अकाउंट ऐसी किसी जगह ना दिखाई दे जिससे अन्य यूजर्स को तनाव या दुख का सामना करना पड़े।’

फेसबुक का कहना है कि एआई टूल में बदलाव करके मृत यूजर्स के अकाउंट्स को गलत जगह पर दिखाई देकर अन्य यूजर्स को दुखी करने से रोका जा सकेगा। हालांकि कंपनी ने इसकी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।

मेमोरलाइज्ड अकाउंट के लिए नया ट्रिब्यूट सेक्शन

फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर मेमोरलाइज्ड अकाउंट्स के लिए दो नए टूल भी एड किए हैं। इनमे एक नया ट्रिब्यूट सेक्शन है, जिसमें दोस्त और परिवार मृत यूजर्स को श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इससे यूजर की ओरिजनल टाइमलाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा मृत यूजर का अकाउंट मैनेज करने वाले के लिए एडिशनल कंट्रोल ऑप्शन भी दिए गए हैं।

18 साल से कम उम्र के यूजर के लिए पैरेंट्स बन सकते हैं लेगेसी कॉन्टेक्ट

एक रिपोर्ट के अनुसार हर रोज करीब 8 हजार फेसबुक यूजर्स की मौत हो जाती है। वहीं हर महीने करीब 3 करोड़ लोग मेमोरलाइज्ड प्रोफाइल पर पोस्ट करने, माइलस्टोन लगाने या मृत व्यक्ति को याद करने आते हैं। कंपनी ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर 18 साल से कम उम्र के यूजर्स लेगेसी कॉन्टेक्ट नहीं चुन सकते। इसलिए कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है जिससे अब ऐसे पैरेंट्स जिन्होंने 18 साल से कम उम्र के अपने बच्चे खोए हैं, वे मृत यूजर के अकाउंट के लेगेसी कॉन्टेक्ट बन सकेंगे।

मृत यूजर का अकाउंट हो जाता है मेमोरलाइज्ड

फेसबुक ने 2015 में यूजर्स के लिए एक नया फीचर दिया था, जिसमें यूजर अपनी मौत के बाद अपने फेसबुक अकाउंट को मैनेज करने के लिए एक कॉन्टेक्ट चुन सकते हैं। किसी फेसबुक यूजर की मौत के बाद उसके अकाउंट को मेमोरलाइज्ड कर दिया जाता है।
-एजेंसी

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