100 करोड़ के आरोप पर बीजेपी का जवाब: खरीद-फरोख्त के प्रसिद्ध है कांग्रेस

बेंगलुरु। अपनी पार्टी पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कर्नाटक बीजेपी के इंचार्ज प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘वह बीजेपी के खिलाफ बेबुनियादी बातें कर रहे हैं। बीजेपी की तरफ से कोई खरीद-फरोख्त नहीं की गई बल्कि कांग्रेस इसके लिए प्रसिद्ध है। उनके अपने नेता गठबंधन से खुश नहीं है।’
कर्नाटक में सरकार बनाने की खींचतान के बीच जेडीएस के विधायक दल के नेता कुमारस्वामी ने बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दी। जेडीएस के इस आरोप पर कांग्रेस और बीजेपी की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। बीजेपी अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘100 करोड़ का आंकड़ा न केवल काल्पनिक है बल्कि यह कांग्रेस-जेडीएस की राजनीति का हिस्सा है। हम राज्य में सरकार बनाने जा रहे हैं, हमने राज्यपाल के समक्ष अपना दावा पेश कर दिया है।’ उधर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बनाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है।
उन्होंने कहा, ‘पैसे ऑफर किए जा रहे हैं। राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल हो रहा है।’ कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा ने कहा, ‘उन्होंने हमें बुलाया लेकिन हमने कोई ध्यान नहीं दिया। मैंने उन्हें साफ तौर पर कहा कि मुझे न बुलाया जाए। मैं समर्पित कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। वह यह सब काफी लंबे समय से कर रहे हैं। यह उनका पेशा है।’
डेप्युटी सीएम बनने की इच्छा पर कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने कहा, ‘किसी चीज के लिए पूछने का कोई सवाल नहीं है। हमारी प्राथमिकता इस समय एक सेक्युलर सरकार बनाने की है। हमारे सभी 78 विधायक साथ हैं।’
100 करोड़ और कैबिनेट में जगह का ऑफर
बता दें कि विधायक दल की बैठक के बाद जेडीएस के कुमारस्वामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर उनके विधायकों को 100 करोड़ रुपये और मंत्रिमंडल में जगह का लालच देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी के पास इतने पैसे कहां से आए और क्या यह काला धन है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों से किए गए 15,00,000 रुपये देने के वादे को निभाने के लिए सरकार के पैसे नहीं हैं लेकिन विधायकों को खरीदने के लिए हैं।
यही नहीं, उन्होंने बीजेपी को चुनौती तक दे डाली कि अगर उनके 10 विधायक तोड़ने की कोशिश की गई तो वह बीजेपी के 20 विधायक तोड़ लेंगे। उन्होंने राज्यपाल से भी हॉर्स-ट्रेडिंग न हो, यह ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की बात कही।
-एजेंसी

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