जोर-जबरदस्ती से जनसंख्या कंट्रोल करवाना चाहती है बीजेपी: मायावती

पटना। यूपी की प्रस्तावित नई जनसंख्या नीति को लेकर विपक्ष से लेकर अपने तक सवाल उठा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने इसके कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए थे वहीं बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार चला रहे नीतीश कुमार ने भी कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून की जरूरत नहीं है। अब बीएसपी चीफ मायावती ने इस नीति को चुनावी स्वार्थ बताया है।
जनसंख्या नियंत्रण नीति को लेकर मायावती ने कहा कि सरकार की टाइमिंग को लेकर नीति और नीयत दोनों पर शक है। उन्होंने कहा कि सरकार परिवारों को दंडित करके जनसंख्या पर नियंत्रण करना चाहती है जो गलत है।
टाइमिंग को लेकर उठाए सवाल
मायावती ने एक के बाद एक तीन ट्वीट करके योगी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, ‘यूपी की बीजेपी सरकार की ओर से जनसंख्या नियंत्रण हेतु लाया जा रहा नया बिल, इसके गुण-दोष से अधिक इस राष्ट्रीय चिन्ता के प्रति गंभीरता व इसकी टाइमिंग को लेकर सरकार की नीति व नीयत दोनों पर शक व सवाल खड़े कर रहा है क्योंकि लोगों को इसमें गंभीरता कम व चुनावी स्वार्थ ज्यादा लग रहा है।’
‘सरकार बनते ही क्यों गंभीर नहीं हुई सरकार?’
बीएसपी चीफ ने लिखा, ‘अगर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर यूपी की भाजपा सरकार थोड़ी भी गंभीर होती तो यह काम सरकार को तब ही शुरू कर देना चाहिए था जब इनकी सरकार बनी थी और फिर इस बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करती तो अब यहां विधानसभा चुनाव के समय तक इसके नतीजे भी मिल सकते थे।’
‘जोर-जबरदस्ती से जनसंख्या कंट्रोल करवाना चाहती है बीजेपी’
मायावती ने कहा, ‘यूपी व देश की जनसंख्या को जागरूक, शिक्षित व रोजगार-युक्त बनाकर उसे देश की शक्ति व सम्मान में बदलने में विफलता के कारण भाजपा अब कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही जोर-जबरदस्ती व अधिकतर परिवारों को दंडित करके जनसंख्या पर नियंत्रण करना चाहती है जो जनता की नजर में घोर अनुचित है।’
यूपी पुलिस और एटीएस की कार्यवाही पर भी खड़े किए थे सवाल
इससे पहले मायावती ने यूपी पुलिस और एटीएस की कार्यवाही में पकड़े गए अलकायदा के संदिग्ध आंतकियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा था। मायावती ने इस एक्शन को लेकर सवाल खड़े किए थे।
-एजेंसियां

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