Amarnath yatra के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में फि‍र सरकार बनाने की कोशिश करेगी BJP

Amarnath yatra के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में जल्द ही राज्यपाल एनएन वोहरा की जगह नई नियुक्ति हो सकती है

नई दिल्‍ली। ऐसा लग रहा है कि जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद बीजेपी एक बार फिर इस राज्य की सत्ता पर काबिज होने की कोशिश कर रही है। हाल ही में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी Amarnath yatra के बाद राज्य में फिर से सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जल्द ही राज्य का राज्यपाल भी बदला जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि बीजेपी, पीडीपी और निर्दलीय के सहयोग से फिर से सरकार बनाने की कोशिश करेगी। गौरतलब है कि बीजेपी ने मंगलवार 19 जून को पीडीपी से गठबंधन तोड़ लिया था जिस वजह से जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाना पड़ गया था।

बीजेपी कर सकती है कोशिश
जम्मू कश्मीर में अभी राज्यपाल शासन है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बनाने की संभावना खत्म नहीं हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी को अमरनाथ यात्रा के समापन का इंतजार है, 26 अगस्त को Amarnath yatra का समापन हो रहा है। बीजेपी के वरिष्‍ठ सूत्रों के मुताबिक बीजेपी जल्द जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। भले ही बीजेपी के पास अभी संख्या बल नहीं है, लेकिन सूत्रों की मानें तो बीजेपी जल्द बहुमत के लिए कोशिश कर सकती है।

इसलिए मजबूत हुए बीजेपी के मंसूबे
बीजेपी सूत्र के मुताबिक पीडीपी से नाराज चल रहे पूर्व वित्त मंत्री हासिब द्राबू समेत कई विधायक बीजेपी के राज्य नेताओं से संपर्क में हैं। सूत्रों के अनुसार लगभग एक दर्जन पीडीपी विधायक चाहते हैं कि बीजेपी के साथ सरकार चले। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कुछ निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के पक्ष में हैं। सूत्रों के अनुसार 5 निर्दलीय विधायक और कांग्रेस के तीन विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। जम्मू कश्मीर में बहुमत के लिए 44 विधायक चाहिए. बीजेपी के पास 25 विधायक हैं। ऐसे में बीजेपी को बहुमत के लिए और 19 विधायक चाहिए। हालांकि बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि जब वो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे तो उनके पास बहुमत से ज़्यादा संख्या होनी चाहिए।

बीजेपी का कोई हिन्दू कार्यकर्ता ही बनेगा अगला सीएम
आपको बता दें कि बीजेपी और संघ का ये सपना रहा है कि जम्मू कश्मीर में उसका कोई कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हो। जिस जम्मू-कश्मीर को भारतीयता से जोड़ने के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया, उस राज्य में पार्टी की सरकार बनाकर उनके सपनों को साकार करने की ये बड़ी कवायद होगी। जाहिर है बीजेपी के पास जितने विधायक हैं वे सभी जम्मू क्षेत्र से हैं और ये सभी प्रदेश के अल्पसंख्यक यानि हिन्दू हैं। ऐसे में बीजेपी के नेतृत्व में अगर सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री पार्टी का, हिन्दू कार्यकर्ता ही होगा और ये सपना संघ वर्षों से देख रहा है।

मिशन 2019 के लिए जरूरी है यह कदम
बीजेपी की रणनीतिकारों का मनाना है कि अगर उनका मुख्यमंत्री बनेगा तो लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इसका फायदा मिलेगा। जम्मू-कश्मीर की 6 लोकसभा सीटों में से फिलहाल बीजेपी और NDA के पास 3 सांसद हैं। फिलहाल जो हालात हैं उसमें कम से कम 2 सीट का नुकसान बीजेपी को 2019 में हो सकता है। इसलिए भी पार्टी चाहती है कि सरकार बनाकर अपने समर्थकों और जनाधार को वापस लाया जाए। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि पीडीपी के साथ गठबंधन की सरकार के कारण जम्मू और लद्दाख क्षेत्र का विकास हुआ नहीं था जिस कारण बीजेपी का कार्यकर्ता में नाराजगी थी लेकिन अब अगर बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है तो जम्मू और लद्दाख क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इसके अलावा प्रदेश के राज्यपाल को भी बदले जाने की संभावना है। किसी राजनीतिक व्यक्ति को राज्यपाल बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार इस महीने के अंत तक नए राज्यपाल की नियुक्ति भी हो सकती है।

ये है ताजा हाल
बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल सीटों की संख्या- 89 है. सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 44 सीटों का बहुमत चाहिए। मौजूदा समय में पीडीपी के पास 28 और भाजपा के खाते में 25 सीटें हैं। वहीं विपक्ष की बात करें तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15 सीटें, कांग्रेस- 12 और अन्य के खाते में 9 सीटें हैं।

अमित शाह का जम्मू दौरा था महत्वपूर्ण
गौरतलब है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन टूटने के बाद 23 जून को जम्मू गए थे। वहां जम्मू-कश्मीर बीजेपी के विधायकों से मिले भी थे और आगे की रणनीति पर चर्चा भी की थी। बीजेपी आला सूत्रों के अनुसार पार्टी जल्द जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। उम्मीद है कि संसद के मानसून सत्र के आसपास से इस ऑपरेशन को शुरू किया जाएगा और Amarnath yatra के समापन तक बीजेपी अपने ऑपरेशन को अंजाम दे देगी।

-एजेंसी

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