बीजेपी विधायक गिरीश गौतम होंगे एमपी विधानसभा के अगले अध्यक्ष

भोपाल। सोमवार से एमपी बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। बजट सत्र की शुरुआत से पहले एमपी विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर बीते एक साल से बीजेपी में माथापच्ची चल रही थी। आज इस पर विराम लग गया है। विंध्य क्षेत्र से आने वाले बीजेपी विधायक गिरीश गौतम एमपी विधानसभा के अगले अध्यक्ष होंगे। उन्होंने इसके लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।
दरअसल, विंध्य क्षेत्र के नेता असंतुष्ट चल रहे थे। शिवराज कैबिनेट में विंध्य के नेताओं को जगह नहीं मिली थी। उस इलाके से आने वाले कई नेताओं ने असंतोष व्यक्त किया था। अब विधानसभा अध्यक्ष का पद देकर विंध्य के नेताओं को साधने की कोशिश की गई है। रीवा जिले के देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष के लिए बीजेपी ने नामित किया है। नाम पर मुहर लगते ही गिरीश गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष का पद विंध्य के खाते में चला गया है।
नामांकन के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। गिरीश गौतम ने कहा कि विंध्य अब संतुष्ट हो गया है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विंध्य एमपी का महत्वपूर्ण अंग है। गिरीश गौतम बीजेपी के वरिष्ठ विधायक है। विंध्य के लोगों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि यह पद विंध्य के खाते में ही जाएगा।
आखिरकार लंबे मंथन के बाद विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिल गया है और गिरीश गौतम के रूप में विधानसभा को नया स्पीकर मिलना तय है। लगभग दो दशक बाद विधानसभा अध्यक्ष पद विंध्य के खाते में गया है। इससे पहले दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में विंध्य के कद्दावर नेता श्री निवास तिवारी विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए थे और संयोग ऐसा कि 2003 में श्रीनिवास तिवारी को चुनाव हराने वाले गिरीश गौतम अब विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए हैं।
देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं गिरीश गौतम
रीवा जिले के देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से विधायक गिरीश गौतम ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कम्युनिस्ट पार्टी से की थी। 1975 से गिरीश गौतम सक्रिय राजनीति में उतरे थे। 1985 में उन्होंने पहली बार जिले की गूढ़ सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा। 1993 और 1998 कांग्रेस के कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी से गिरीश गौतम चुनाव हार गए थे। उसके बाद गिरीश गौतम भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उनकी किस्मत खुल गई।
श्रीनिवास तिवारी को चुनाव हराया
2003 के विधानसभा चुनाव में मनगवां विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने लगभग 28,000 मतों के अंतर से कांग्रेस के श्रीनिवास तिवारी को चुनाव हराया। उसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2008 में मनगवां विधानसभा क्षेत्र आरक्षित कर दिया गया, तब गिरीश गौतम ने अपना विधानसभा क्षेत्र रीवा के देवतालाब को बनाया। 2008 के बाद से वह लगातार चुनाव जीत रहे हैं। हालांकि सरकार में उन्हें कभी कोई बड़ा पद नहीं मिला है। शिवराज सरकार में वह मंत्री पद के लिए दावेदारी जता रहे थे। मगर मंत्री नहीं बन पाए थे। अब पार्टी ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया है।
-एजेंसियां

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