राहुल पर भाजपा का पलटपार: कहा, देश सुन नहीं रहा इसलिए विदेश में बोल रहे हैं

नई दिल्ली। राहुल गांधी द्वारा अमेरिका की बर्क्ली यूनिवर्सिटी में दिए गए भाषण पर आज भाजपा ने जबर्दस्‍त पलटवार किया। बीजेपी की तरफ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी को देश सुन नहीं रहा इसलिए वह विदेश में जाकर बोल रहे हैं।
अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बर्क्ली यूनिवर्सिटी में आयोजीत कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार और बीजेपी की जमकर आलोचना की। उन्होंने कश्मीर में अशांति के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उनकी बातों का जवाब देते हुए मंगलवार को बीजेपी की तरफ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर उनका तंज कसना कोई नया नहीं है। उन्हें पता नहीं है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने देश की निंदा करना कितना उचित और अनुचित है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने खुद ही स्वीकार किया कि सोनिया जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी में अहंकार आ गया था। देश सुन नहीं रहा है इसलिए वह विदेश में जाकर बोल रहे हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि वंशवाद पर राहुल गांधी ने जो कुछ कहा है वह देश के लोगों का अपमान है।
उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जी ने जब विदेश में कहा कि हिंदुस्तान तो ऐसा ही है। यहां विरासत ही सब-कुछ है। यह उनका अपमान है जो अपने भरोसे कुछ करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री स्वयं एक एक गरीब परिवार में जन्मे हैं। राष्ट्रपति भी वंचित परिवार से आते हैं और उपराष्ट्रपति जी किसान के बेटे हैं, जिन्हें संघर्ष के बाद यह दायित्व मिला है। इन तीन व्यक्तियों का शीर्ष पर होना बताता है कि लोकतंत्र में विरासत से नहीं, मेरिट से काम चलता है।’
बता दें कि राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में विरासत से बहुत कुछ चलता है। उन्होंने इसके लिए अखिलेश यादव और अभिषेक बच्चन का उदाहरण भी दिया था।
उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने जो कांग्रेस पार्टी में अहंकार के बारे में संकेत दिया है, उनकी पार्टी के लिए चिंता की बात है। उनकी सफलता और विपलता का मापदंड अमेठी आकर देना चाहिए। अपने इलाके में कितना विकास किया है, तो उसी पर चर्चा और गोष्ठी कर लेते तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाता है।’
राहुल के जीएसटी और नोटबंदी पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, ‘कांग्रेस के नेतृत्व में जीएसटी की विफलता इस बात का संकेत थी कि कांग्रेस ने किसी भी राजनीतिक दल को विश्वास में नहीं लिया और न ही राज्यों का विश्वास जीत पाई। अगर राहुल गांधी जी स्वयं सुनने के आदी होते तो जीएसटी यूपीए सरकार में ही लागू हो जाता। ‘
-एजेंसी