भाजपा ने राहुल गांधी से पूछा, जब भी देश दुखी होता है आप इतना खुश क्‍यों होते हो

नई दिल्ली। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के प्रयास में चीन के अड़ंगे पर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से डरे हुए हैं और चीन के खिलाफ उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है। इसके बाद बीजेपी ने राहुल पर पलटवार करते हुए तंज कसते हुए कहा कि जब देश दुखी होता है तो फिर वह इतने खुश क्यों होते हैं। बीजेपी ने इसके साथ ही राहुल पर कुछ सवाल भी दागे।
राहुल ने क्या कहा
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘कमजोर मोदी शी चिनफिंग से डरे हुए हैं। जब चीन भारत के खिलाफ कदम उठाता है तो उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है।’ उन्होंने दावा किया, ‘मोदी की चीन कूटनीति : गुजरात में शी के साथ झूला झूलना, दिल्ली में गले लगाना, चीन में घुटने टेक देना रही।’ बता दें कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी थी।
‘भारत को पीड़ा होती है, राहुल को खुशी क्यों होती है?’
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जब भारत को पीड़ा होती है तो राहुल गांधी को खुशी क्यों होती है? उन्होंने कहा, ‘राजनीति में विरोध होना चाहिए, लेकिन आतंकवाद के मसले पर इस तरह का रवैया? आखिर राहुल गांधी को हो क्या गया है?’ उन्होंने आगे कहा कि 2009 में UPA द्वारा मसूद अजहर पर बैन लगवाने के प्रयास के दौरान चीन ने यही रवैया अपनाया था तब राहुल गांधी ने ट्वीट क्यों नहीं किया था।
प्रसाद ने इसके साथ ही तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के तो चीन से अच्छे संबंध हैं। डोकलाम मुद्दे पर वह चीनी दूत से मुलाकात करते हैं। इसलिए मसूद अजहर के मुद्दे पर वह अपने संबंधों का प्रयोग करके चीन को क्यों नहीं समझाते। उन्होंने, ‘पुलवामा हमले के बाद राहुल गांधी सिर्फ 2 दिन तक सरकार के साथ खड़े रहे। उसके बाद उन्होंने एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा दिए। उनके नेता इसका सबूत मांग रहे हैं।’
इसके अलावा बीजेपी ने ट्वीट कर कहा, ‘चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हिस्सा न बन पाता, अगर आपके ग्रैंडफादर ने भारत की कीमत पर उन्हें यह ‘गिफ्ट’ न दिया होता। भारत आपके परिवार द्वारा की गई गलतियों को सुधार रहे हैं। निश्चिंत रहें कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत विजयी होगा। यह सब पीएम मोदी पर छोड़ दीजिए और चीनी राजदूतों के साथ अपनी गुप्त मुलाकात जारी रखें’
इस पर कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘रविशंकर प्रसाद जी चाहते हैं कि राहुल गांधी चीन पर दबाव बनाएं कि वह मसूद को वश्विक आतंकी घोषित करे। चिंता मत कीजिए, हम जैसे ही 2019 में काम संभालेंगे, ऐसा ही करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘लोग जानते हैं कि बीजेपी महाझूठों की पार्टी है, रविशंकर प्रसाद जी ने यह एक बार फिर साबित कर दिया है। नेहरू ने भारत को यूएनएससी से बाहर नहीं रखा या कैनेडी का ऑफर रिजेक्ट नहीं किया। यह सिर्फ बयानबाजी है।’
बता दें कि पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया है। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर फैसले से कुछ मिनट पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी। आपको बता दें कि 2017 में भी चीन ने ऐसा ही किया था। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, ‘हम निराश हैं लेकिन हम सभी उपलब्ध विकल्पों पर काम करते रहेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाए।’ मंत्रालय ने कहा, ‘हम उन देशों के आभारी हैं जिन्होंने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की कवायद में हमारा समर्थन किया है।’
-एजेंसियां

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