बलात्कार के आरोपी बिशप ने जिम्मेदारियों से मुक्त होने की अनुमति मांगी

कोट्टायम। केरल में नन के साथ बलात्कार मामले में आरोपी जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने वेटिकन से अपने पद की जिम्मेदारियों से मुक्त होने की अनुमति मांगी है। उन्होंने पोप फ्रांसिस को पत्र लिखकर कुछ वक्त के लिए पद छोड़ने की इजाजत मांगी है। इसके पीछे उन्होंने केस का हवाला दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि उन्हें अपने खिलाफ कुछ आरोपों के चलते पुलिस केस पर ध्यान देने के लिए पद छोड़ने की इच्छा जताई है।
इससे पहले फ्रैंको मुलक्कल जालंधर डायसीज की प्रशासनिक जिम्मेदारियां मैथ्यु कोक्कंदम को सौंप चुके हैं। फ्रैंको ने पोप फ्रांसिस को लिखे पत्र अस्थायी समय का जिक्र किया है जिससे यह मालूम होता है कि वह मामले में अपनी रिहाई के लिए पहले से ही आश्वस्त हैं।
बता दें कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल 2014 से 2016 के बीच एक नन के साथ बलात्कार और यौन शोषण के आरोपी हैं। इसस पहले बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने एक सर्कुलर जारी करके प्रशासनिक दायित्व दूसरे पादरी को सौंप दिया था।
19 सितंबर तक का वक्त
13 सितंबर को लिखे गए इस सर्कुलर में फ्रैंको की तरफ से कहा गया है, ‘मेरी अनुपस्थिति में मैथ्यु कोक्कंदम डायोसीज का दायित्व संभालेंगे जैसा कि यह अभी भी साधारण अभ्यास में है जब मैं डायसीज से दूर हूं।’ उधर जालंधर पुलिस ने शुक्रवार को बिशप को केरल पुलिस की ओर से जारी नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि 19 सितंबर या उससे पहले बिशप जांच टीम के सामने पेश हों।
गौरतलब है कि इससे पहले 13 अगस्त को कोट्टायम से आई एक टीम ने बिशप से उनके घर पर पूछताछ की थी। फिलहाल अगली पूछताछ के लिए जांच टीम सवालों की लिस्ट तैयार कर रही है। कोट्टायम के एसपी हरि शंकर के मुताबिक, बिशप से पूछताछ के बाद ही जांच टीम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
-एजेंसियां

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