BirthDay Special: बिगबी के साथ रहा है कुलदेवी चकेश्वरी माता का आशीर्वाद

आज सदी के महानायक बिगबी का BirthDay है और भारत से ही नहीं दुनिया के उनके प्रशंसकों की ओर से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।
बॉलीवुड के शहंशाह 75 साल के हो गए हैं। देश से लेकर विदेशों तक में अमिताभ के फैंस की कमी नहीं है। अमिताभ आज जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगन है लेकिन इसके अलावा कोई और भी है जो सदा उनके साथ रहता है।

जी हां, बिग बी पर उनकी कुलदेवी का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। अब आप सोच रहे होंगे कि अमिताभ बच्चन की कुलदेवी आखिर कौन हैं और कहां हैं।

आपको बता दें कि चकेश्वरी देवी ही बच्चन परिवार की कुल देवी हैं। माता चकेश्वरी का मंदिर चक, जीरो रोड चौराहा, इलाहाबाद में स्थित है।

यह मंदिर अमिताभ या उनके पिताजी हरिवंश राय बच्चन ने नहीं बनवाया था, बल्कि महानायक के बाबा स्व. घन्सू लाला ने 18 वीं शताब्दी के अंत में स्थापित किया था और तब से ही बच्चन परिवार उनकी पूजा करता रहा है। बता दें कि अमिताभ के बाबा पट्टी प्रताप गढ़ से इलाहाबाद रोड पर आकर बस गए थे और सन 1905 में हरिवंश राय बच्चन का जन्म हुआ था।

अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन भी चकेश्वरी माता की पूजा करते थे और फिर यह परंपरा आगे बढ़ती गई।

खबरों की मानें तो अमिताभ बच्चन जब सन 1984 में इलाहबाद से चुनाव के लिए खड़े हुए थे, तो वह माता चकेश्वरी का आशीर्वाद लेने इलाहबाद पहुंचे थे। सन 1984 में हरिवंश राय बच्चन भी अपनी कुलदेवी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। और यह बात हमें खुद हरिवंश राय बच्चन को कुलदेवी के दर्शन के लिए लेकर गए अभय अवस्थी ने बताई।

उन्होंने खुद हरिवंश राय बच्चन को माता के दर्शन कराए। बाबा अभय अवस्थी ने बताया कि उन्हें हरिवंश राय बच्चन ने खुद बताया कि पुत्रकामना का संकल्प यहीं से करने के बाद अमिताभ का जन्म हुआ था।

BirthDay पर अमिताभ बच्‍चन को लेकर इन्हीं सब बातों का जिक्र हरिवंश राय बच्चन ने अपनी किताब ‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ में इस बात का वर्णन किया है।

मेरठ/पश्चिमी यूपी से है अमिताभ बच्चन का गहरा नाता

हिन्दी फिल्मों में अमिताभ बच्चन के एक्टर से सदी के महानायक बनने की कहानी में वेस्ट यूपी का अहम योगदान है। आज अमिताभ बच्चन जन्मदिन पर उनके करियर के शुरुआती दौर से लेकर सुपरस्टारडम तक की यात्रा में वेस्ट यूपी के दो नाम लेना बहुत जरूरी है।

प्रकाश मेहरा….
बिजनौर में जन्मे स्व. प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर ने अमिताभ बच्चन को स्टार बनाया। प्रकाश मेहरा ही थे, जिन्होंने एक गुस्सैल लड़के की पॉजीटिव इमेज बनाकर उसे ‘एंग्री यंग मैन का खिताब दिलाया। हेरा-फेरी, नमक हलाल जैसी फिल्मों से अमिताभ का रुतबा-ओ-रुआब देश की सीमा तोड़कर विश्वव्यापी हो गया। शराबी के डायलॉग्स और गाने तीन दशक से युवाओं की जुबान पर चढ़े हुए हैं।
सतेंद्र पाल चौधरी…
बागपत जनपद के खेकड़ा के पास बसी गांव (तत्कालीन मेरठ) की धरती से मुंबई में मेरठ की धाक जमाने वाले स्व. सतेंद्र पाल चौधरी ने अमिताभ बच्चन को लेकर कई फिल्में प्रोड्यूस की। हेरा-फेरी, नमक हलाल और शराबी में एंग्री अमिताभ से इमोशनल कराए। कहते हैं कि शराबी फिल्म में अमिताभ का किरदार मेरठ के पंजाबी परिवार के एक युवक से प्रभावित था। शराबी फिल्म का मुझे नौलखा मंगा दे रे…गाना हरियाणवी फिल्म ‘चंद्रावल के ‘मेरा चुनर मंगा दे रे ओ नणदी के बीरा.. का रीमेक है।
अकरम ‘बच्चन
अमिताभ के फैंस के मामले में भी वेस्ट यूपी आला है। यूं तो दुनिया में बच्चन के एक से बढ़कर एक दीवाने हैं, लेकिन जिनका नाम खुद अमिताभ जानते हैं उन्हें उंगलियों पर गिना जा सकता है। मुजफ्फरनगर के शाहपुर कस्बे के अकरम उर्फ बच्चन को जलसा से लेकर मन्नत तक में सीधी एंट्री है। 2005 में अमिताभ बच्चन के बीमार होने पर अकरम ने शाहपुर से अजमेर शरीफ तक पैदल यात्रा की थी। छाले पड़ने के बाद भी अकरम के कदम मुंबई में मन्नत पर ही रुके।

BirthDay Special पर अकरम बताते हैं कि वो अमिताभ बच्चन खुद  के सबसे बड़े फैन हैं।

-एजेंसी