जन्‍मदिन विशेष: कथाकार और पटकथाकार डॉ. अचला नागर

साहित्यकार, कथाकार, हिन्दी फ़िल्म पटकथाकार एवं संवाद लेखिका डॉ. अचला नागर का आज जन्‍मदिन है। अचला नागर का जन्‍म 2 दिसम्बर 1939 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। एक साहित्यकार के रूप में उनके दो कथा संग्रह क्रमश: नायक-खलनायक और बोल मेरी मछली तथा एक संस्मरण संग्रह बाबूजी बेटाजी एंड कंपनी प्रकाशित है। साहित्य उनकी विरासत रहा है और पूरब में साहित्य, संस्कृति और परम्परा का जो यशस्वी अतीत है, उसका सर्वोत्कृट उन्होंने बचपन और जीवन से पाया है।
मशहूर साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुत्री अचला नागर ने इसके अलावा निकाह (1982), आखिर क्यों (1985), बागबान (2003), ईश्वर (1989), मेरा पति सिर्फ मेरा है (1990), निगाहें (1989) और नगीना (1986) जैसी फिल्‍मों की पटकथा लिखी हैं।
उनकी पटकथाओं में रिश्ते-नाते, जवाबदारियाँ, वफाएँ, प्रेम, जज्बात एवं निबाह के छोटे-छोटे दृश्य इतने सशक्त होते हैं कि दर्शक उनसे बँधा रहता है।
उन्हें साहित्य भूषण पुरस्कार, हिन्दी उर्दू साहित्य एवार्ड कमेटी सम्मान, यशपाल अनुशंसा सम्मान, साहित्य शिरोमणि आदि से सम्मानित किया जा चुका है।
-एजेंसियां

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