बिल गेट्स ने कहा, स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बधाई की पात्र है भारत सरकार

भारत में चलाए जा रहे स्वच्छता मिशन का स्वागत करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक तथा बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष बिल गेट्स ने भारत सरकार को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत को अब स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए सीवेज प्रसंस्करण क्षमताओं में सुधार और शून्य अपशिष्ट उत्पन्न करने के लिए नवाचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।
बिल गेट्स ने कहा कि भारत सरकार को स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बधाई दी जानी चाहिए लेकिन इन सबके बीच भारत को कुपोषण पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कुपोषण भारत की बड़ी समस्या है इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। भारत को कुपोषण के साथ स्वच्छता के साथ लंबी लड़ाई लड़नी है। ऐसे में भारत के हो रहे आर्थिक विकास को देखते हुए हम उम्मीद करेंगे कि स्वच्छता मिशन में भी यह नए स्तर पर पहुंचेगा। बता दें कि पिछले दो वर्षों में पांच साल से कम आयु वर्ग के बच्चों की मौत में भारी कमी देखी गई है। यह दर एक मिलियन से घटकर 8,02,000 हो गई है।
स्वच्छता में कमी और असुरक्षित पीने के पानी की वजह से 88 फीसदी देश के बच्चे डायरिया जैसी बीमारी से पीड़ित होते हैं जिससे उन्हें कुपोषण का सामना करना पड़ता है। डायरिया की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है उनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है साथ ही निमोनिया और टीवी जैसी बीमारी होती है लेकिन स्वच्छता मिशन के बाद इसमें भारी कमी देखने को मिलेगी।
गेट्स ने कहा कि सरकार स्वच्छता की रोशनी में सचमुच चमकेगी लेकिन विडंबना ये है कि लोग इसपर अधिक बात नहीं करना चाहते हैं। गेट्स ने कहा कि भारत में स्वच्छता मिशन अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ था। इसके बाद अभी तक 25 राज्यों के 513 जिलों में 866 लाख शौचालय का निर्माण किया गया है। देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का अभियान रंग लाया है।
अब वक्त आ गया है कि सरकार सीवेज सिस्टम और मैनेजमेंट के लिए नई तकनीक का सहारा ले। गेट्स ने कहा कि शहरी इलाकों में जिस तरह से गड्ढा कर मलवा नहीं डाला सकता है और सीवेज को सीधे नदी में भी नहीं डाला जा सकता है आपको इसके लिए काम करना होगा। गेट्स ने कहा कि भारत अब स्वच्छता मिशन की ओर बढ़ चुका है और मैं खुश हूं जिस तरह से भारत आगे बढ़ रहा है।
-एजेंसियां

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