मोदी के मुरीद हुए बिल गेट्स: कहा, मोदी ने ऐसी समस्या उठाई जिसके बारे में हम सोचना तक नहीं चाहते

स्वच्छता पर जोर देने और खुले में शौच को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों की माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने काफी तारीफ की है। उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा है कि पीएम मोदी ने एक ऐसी समस्या को उठाया, जिसके बारे में हम सोचना तक पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने ब्लॉग में लिखा है, ‘करीब तीन साल पहले भारत के प्रधानमंत्री ने जन स्वास्थ्य को लेकर एक ऐसी साहसिक टिप्पणी की, जो हम आज तक किसी निर्वाचित सदस्यों के मुंह से नहीं सुने हैं। आज इसका बहुत असर पड़ता दिख रहा है।’
ब्लॉग में बिल गेट्स ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को अपने पहले संबोधन में उन्होंने यह टिप्पणी की। पीएम मोदी के भाषण के कुछ अंशों को उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है, जो इस तरह से है: ‘हम 21वीं सदी में रह रहे हैं। क्या हमें कभी इस बात को लेकर तकलीफ महसूस हुई कि हमारी माताएं और बहनें खुले में शौच करने को मजबूर हैं? गांव की गरीब महिलाएं रात के अंधेरे का इंतजार करती हैं ताकि वे शौच के लिए जा सकें। इसका उनके शरीर पर क्या असर पड़ेगा, कितनी बीमारियों का उनको खतरा है। क्या हम अपनी मां और बहनों की मर्यादा को ध्यान में रखकर उनके लिए शौचालय नहीं बना सकते हैं।’
ब्लॉग में बिल गेट्स ने लिखा है, ‘मेरे ख्याल से अन्य किसी राष्ट्रीय नेता ने इस तरह के संवेदनशील विषय पर इतने खुलेपन और सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की है। मोदी ने सिर्फ भाषण ही नहीं दिया, बल्कि इस दिशा में काम भी किए हैं। भाषण के दो महीनों के बाद ही उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया, जिसके तहत देशभर में करीब 7.5 करोड़ शौचालय बनाकर 2019 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करना है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि अनोपचारित कचरा खुले माहौल में न फेंका जाए।’
उन्होंने लिखा है कि स्वच्छता की समस्या को हल करके हर साल हजारों जिंदगी को बचाया जा सकता है। इससे लड़कियां स्कूलों की ओर आकर्षित होंगी और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सफाई की स्थिति को बेहतर बनाने पर हमारे फाउंडेशन का खास जोर है और हम भारत सरकार के साथ मिलकर इसके लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा है कि पीएम मोदी के इन प्रयासों के अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने लिखा है, ‘2014 में जब स्वच्छ भारत अभियान शुरू हुआ था, उस समय सिर्फ 42 फीसदी भारतीय लोगों को ही उचित स्वच्छता उपलब्ध थी। आज 63 फीसदी लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। और 2 अक्टूबर, 2019 महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक इस काम को खत्म करने के लिए सरकार के पास विस्तृत योजना है। अधिकारियों को पता है कि कौन-से राज्य सही ट्रैक पर हैं और कौन पीछे है। इसका श्रेय भारत के मजबूत रिपोर्टिंग सिस्टम को जाता है।’
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *