बिहार: चीफ सेक्रेटरी के ऑफिस की कुर्की करने पहुंचे बैंक अधिकारी, बकाया है 664 करोड़ रुपए

पटना। बिहार के मुख्य सचिवालय में आज सुबह तब अजीबो-गरीब स्थिति हो गई, जब पटना सिविल कोर्ट के आदेश पर एक टीम मुख्य सचिव दीपक कुमार के कार्यालय की कुर्की करने पहुंच गई।
कोर्ट ने वित्त विभाग के प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव और निबंधक कोऑपरेटिव सोसायटी के कार्यालय की भी कुर्की का आदेश कोर्ट ने दिया है।
अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कोर्ट से आई टीम से एक सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया। इसके बाद कोर्ट की टीम ने कुर्की की कार्यवाही रोक दी और 25 जुलाई तक बकाया पैसा वापस दिलवाने का निर्देश दिया। हालांकि टीम कोर्ट के आदेश पर सभी कार्यालयों में पहुंच गई है।
बिहार राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक ने बिहार-झारखंड से अपने 494 करोड़ रुपए बकाया की वसूली के लिए केस किया था। इसमें कोर्ट ने 8 प्रतिशत ब्याज की दर जोड़ी तो यह रकम 664 करोड़ 85 लाख 41 हजार रुपए तक पहुंच गई। कोर्ट ने इस राशि की वसूली के लिए यह आदेश दिया। पटना सिविल कोर्ट ने यह मुकदमा 2018 से चल रहा है।
इसी मामले की सुनवाई के दौरान पटना सिविल कोर्ट की इजरा मुंसिफ कोर्ट ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव स्तर के पांच अधिकारियों के कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। मुख्य सचिवालय में कोर्ट के नाजिर (कोर्ट के अधिकारी) के साथ अधिकारियों की टीम ने पहले मुख्य सचिव के दफ्तर के बाहर नोटिस चिपकाया और वहां कुर्की की तैयारी करने लगी। उस समय मुख्य सचिव दीपक कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एक कार्यक्रम में थे।
-एजेंसियां

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