बिहार: सृजन घोटाले में डेप्युटी सीएम सुशील कुमार मोदी की बहन के यहां छापा

पटना। बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले की आंच डेप्युटी सीएम सुशील कुमार मोदी की बहन तक पहुंच गई है। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को पटना में इस घोटाले के सिलसिले में छापेमारी की। राज्य के पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने इस साल सुशील मोदी की बहन और भतीजी पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था।
आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम पटना में सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी के आवास पर पहुंची। आईटी छापे के दौरान उनके घर को खंगाला जा रहा है। छापेमारी के दौरान पटना पुलिस की एक टीम भी वहां मौजूद है। छापे की कार्यवाही में उनके घर से क्या बरामद हुआ है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।
28 जून 2018 को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया था, ‘बिहार के डेप्युटी सीएम सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी और उनकी भतीजी उर्वशी मोदी ने सृजन घोटाले में करोड़ों का गबन किया है। लेन-देन की पुष्टि के लिए ये बैंक स्टेटमेंट देखे जा सकते हैं। सुशील मोदी और नीतीश कुमार 2500 करोड़ के घोटाले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं लेकिन सीबीआई न तो उनका नाम ले रही है न ही उनसे पूछताछ की जा रही है।
क्या है सृजन घोटाला
सृजन एनजीओ की स्थापना मनोरमा देवी ने की थी और उनकी मौत के बाद उनके बेटे और उनकी पत्नी इस एनजीओ को चला रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बैंक अकाउंट्स में रखे सरकारी धन को एनजीओ सृजन और सृजन के कर्मचारियों के बैंक एकाउंट्स में ट्रांसफर किया गया था। कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय खातों में न जाकर या वहां से निकालकर ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ नाम के एनजीओ के छह खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। सृजन घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एक सरकारी अधिकारी ने चेक काटकर दिया लेकिन पता चला कि सरकारी अकाउंट में पैसे नहीं हैं।
13 अगस्त 2017 को नीतीश कुमार ने सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रमुख सचिव को सरकारी धन के खर्च में अनियमितताओं से संबंधित सभी मामले सीबीआई को सौंपने के लिए कहा था। इससे पहले आर्थिक अपराध इकाई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले की जांच कर रही थी।
अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस. के. सिंघल ने बताया था कि इस मामले में गबन की रकम 950 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। नवंबर 2017 में भागलपुर जिले में हुए करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
सीबीआई की विशेष अदालत में दायर इस आरोप पत्र में कुल 12 लोगों पर आईपीसी की धारा 34, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। आरोप पत्र में संस्था की पूर्व अध्यक्ष मनोरमा देवी का भी नाम शामिल किया गया था। दो अन्य मामलों में सीबीआई की ओर से 6 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए।
गौरतलब है कि सीबीआई ने सृजन घोटाले में 25 अगस्त 2017 को एफआईआर दर्ज करते हुए इसकी जांच शुरू की थी। जांच के शुरू होने के बाद इस मामले के एक आरोपी महेश मंडल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आरजेडी चीफ लालू प्रसाद इस घोटाले को 15 हजार करोड़ का बता चुके हैं। आरजेडी लगातार इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के इस्तीफे की मांग करती रही है।
-एजेंसियां

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