बिहार: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में सीबीआई ने केस दर्ज किया

पटना। मुजफ्फरपुर (बिहार) के शेल्टर होम में लड़कियों से रेप का मामला सीबीआई ने दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने राज्य सरकार के अनुरोध पर केस दर्ज किया है। मामले में बालिका गृह साहू रोड के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि बालिका गृह में रह रही लड़कियों का शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण किया जाता था।
दूसरी ओर मामले की एफआईआर लिखे जाने के दो महीने बाद डॉक्टरों की एक टीम ने वहां पहुंचकर एक कमरे की जांच की है। टीम ने वहां इस्तेमाल कि गईं 63 दवाइयों और ड्रग्स के रैपर्स की एक लिस्ट बनाई है। उन सभी का परीक्षण किया जाएगा। एक्सपर्ट्स ने शेल्टर होम से बच्चियों के कपड़े और एक कंप्यूटर भी बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे के बाद से ही बिहार की राजनीति गरमाई हुई है।
अभी तक की मेडिकल जांच में कम से कम 34 बच्चों के साथ रेप की पुष्टि हुई है। कुछ पीड़ितों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें नशीले पदार्थ दिए जाते थे और मारा-पीटा जाता था। उसके बाद रेप किया जाता था। कइयों को पेट में दर्द की शिकायत बनी रहती थी और करीब 44 पीड़िता खुद को सुबह उठकर निर्वस्र पाती थीं। एक नाबालिग बच्ची ने पुलिस को बताया कि उन्हें रात को खाने के बाद सफेद और गुलाबी गोलियां दी जाती थीं जिसे खाकर वह सो जाते थे।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी मौके पर
मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने उस कमरे में रखी दवाओं की जांच की है जहां बच्चों का रूटीन चेकअप किया जाता था। एफआईआर के बाद इस कमरे में ताला लगा दिया गया था और इसकी जांच नहीं हुई थी। बाकी कमरों से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने सबूत इकट्ठे किए थे।
शेल्टर होम में रखीं फाइलों की जांच होगी
मुजफ्फरनगर जोनल आईजी सुनील कुमार और डीआईजी अनिल कुमार सिंह ने शनिवार को शेल्टर होम का दौरा किया। आईजी ने बताया कि वहां कई फाइलें रखी हैं जिनकी जांच की जानी है। उन्होंने बताया कि इन फाइलों में वहां जाने वाले अधिकृत या अनाधिकृत लोगों के बारे में जानकारी हो सकती है। उसमें शेल्टर होम के इंस्पेक्शन करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी हो सकती है। पुलिस उन लोगों से पूछताछ करेगी।
ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
बता दें कि इसी साल मई महीने में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सोशल ऑडिट के दौरान मामले का खुलासा हुआ था। इस मामले में शनिवार तक कुल 34 लड़कियों के साथ बालिका गृह में यौन शोषण की पुष्टि हुई है। साथ ही पूर्व में इस संबंध में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शेल्टर होम से लड़कियों के गायब होने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर इस मामले के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। इसके बाद बिहार सरकार ने अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
-एजेंसी

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