केडी हास्पीटल में Uterus निकाले बिना रसौली से दिलाई निज़ात

डा. पारुल गर्ग और टीम ने Uterus निकाले बिना मरीज को मातृत्व सुख का दिया मौका,

 930 ग्राम की रसौली निकाल दिलाई भयंकर दर्द से मुक्ति

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के स्त्रीरोग एवं प्रसूति विभाग की आचार्य डा. पारुल गर्ग की टीम ने बीते दिवस मरीज रीना को न केवल भविष्य में उसकी इच्छानुसार मातृत्व सुख पाने का मौका कायम रखा है अपितु बच्चेदानी में मौजूद नौ सौ ग्राम वजनी छोटे पपीते के आकार की रसौली निकाल असहनीय पीडा से भी मुक्ति दिला दी है। महिला मरीज के पति के मुताबिक कई चिकित्सालयों में लगभग एक लाख रुपये तक की मांग के साथ बच्चेदानी को निकाल देने की बात कही गई। जब कि केडी हास्पीटल की ओपीडी में पहुंची मरीज का आॅपरेशन मात्र सात हजार रुपये में करते हुए बच्चेदानी से रसौली को निकालकर उसे सुरक्षित सिल दिया है।

महिला मरीज के पति रामनिवास के मुताबिक फरीदाबाद, आगरा, भरतपुर और मथुरा के चिकित्सालयों में लगभग एक लाख रुपये तक खर्च के साथ बच्चेदानी को पूरी तरह से निकाल देने की कही गई बात

केडी हास्पीटल की ओपीडी में मरीज रीना के धौलीप्याउ निवासी पति रामनिवास अपनी पत्नी को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी को लेकर फरीदाबाद, आगरा, भरतपुर और मथुरा के कई चिकित्सालयों में इलाज को ले गये। किसी चिकित्सालय ने नब्बे हजार तो किसी ने चालीस हजार रुपये में बच्चेदानी और रसौली दोनों निकाल कर दर्द से मुक्ति का भरोसा दिया। मगर दम्पति अभी बच्चेदानी निकलवाना नहीं चाहता था। इसी से पडोसी मित्तल टेंट हाउस वालों की सलाह पर वह पत्नी को लेकर केडी हास्पीटल आए। मरीज ने चिकित्सक डा. पारुल गर्ग को बताया कि उसकी नाभि के पास उभार और भयंकर दर्द होता है। जांच कराने पर मालुम पडा कि मरीज रीना का हीमोग्लोबिन 6 मिग्रा होने से काफी कमजोर भी है। इसी से उसे खून चढाने के बाद ही रसौली निकालने का निर्णय लिया गया। रीना की बच्चेदानी से रसौली निकालने वाली टीम में केडीएमसी के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की प्रोफेसर एवं चिकित्सक डा. पारुल गर्ग के साथ डा. डा. लता शुक्ला के साथ-साथ एनेथिएस्ट डा विदुषी, सहायक विनीता ने सहयोग किया।

महिलाएं रोगों को छिपाने के बजाए बेझिझक हमें बताएं-डा. पारुल गर्ग

केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर की प्रोफेसर एवं चिकित्सक डा. पारुल गर्ग ने ब्रज क्षेत्र की स्त्री रोग एवं प्रसूति से परेशान महिला मरीजों से कहा कि वे स्त्री रोगों को छिपायें नहीं प्रशिक्षित चिकित्सक से सलाह लेकर इलाज कराएं। वे निसंकोच मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल आ जाएं। बाकी हम महिला चिकित्सक संभाल लेंगी। केडी हास्पीटल में महिला रोगों संबंधी समस्त रोग जैसे बांझपन, महिलाओं में कैंसर रोग, किशोरावस्था की परेशानियां, दूरबीन विधि से आॅपरेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से आॅपरेशन बडे आसानी से हो जाते हैं।

जटिलतम प्रसूती, स्त्री रोगों के केस हैंडिल करने मेेंं सक्षम-डा. राम किशोर अग्रवाल

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में स्त्री रोगों की विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूरी टीम ब्रज वासियों की सेवा में तत्पर है। ये टीम जटिल से जटिल प्रसूती एवं स्त्री रोग के केसों को हैंडिल करने मंे सक्षम है। चिकित्सकों के अनुभव का लाभ ब्रज क्षेत्र के हर तबके के लोगों को उठाना चाहिए। इससे वे स्वस्थ रह सकें। फोटो परिचय-केडी हास्पीटल में आॅपरेशन होने के बाद वार्ड में मरीज रीना के साथ खडीं डा. पारुल गर्ग।

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