सिंगापुर में ‘डिजिटल इंडिया’ की एंट्री नमो नीति की बड़ी कामयाबी

नई दिल्‍ली। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में सिंगापुर में ‘डिजिटल इंडिया’ की एंट्री को नमो नीति की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
‘डिजिटल इंडिया’ की एंट्री से अब भारत के ‘RuPay’ का इस्तेमाल सिंगापुर की धरती पर भी किया जा सकेगा। यानी भारतीय नागरिक सिंगापुर में भी इसके जरिए भुगतान कर सकेंगे।
आइए जानते आखिर और क्‍या होंगे इसके लाभ
दक्षिण-पूर्व एशिया के तीन मुल्‍कों की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से विदेशी धरती पर छाए रहे। इंडो‍नेशिया में सबांग बंदरगाह पर ड्रैगन को मात देने के बाद उनकी राजनयिक कामयाबियों का सिलसिला जारी रहा।
क्या है रुपे डेबिट कार्ड
रुपे भारत का खुद का पेमेंट गेटवे यानि डेबिट कार्ड है। दुनिया में जैसे वीजा, मास्टर कार्ड आदि पेमेंट के लिए इस्तेमाल होते हैं, वैसे ही रूपे भी डेबिट कार्ड के रूप में काम आता है। भारत दुनिया का चौथा देश है, जिसके पास ये सुविधा है। इससे पहले सिर्फ अमेरिका, जापान और चीन के पास खुद का पेमेंट गेटवे था। इन दिनों सभी प्रमुख सरकारी बैंक रुपे कार्ड जारी कर रहे हैं।
रुपे के फायदे
इस कार्ड के जरिए एटीएम से कैश निकालने के अलावा, पीओएस (स्वाइप मशीन) और ऑनलाइन लेन-देन भी किया जा सकता है। रुपे को 2 लाख एटीएम और 8.75 लाख पीओएस टर्मिनल पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा 10 हजार ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर भी इसके जरिए खरीदारी की जा सकती है। अभी तक रुपे कार्ड सिर्फ देश में चल सकता था लेकिन पीएम मोदी के सिंगापुर से करार के कारण अब इसे वहां भी इस्तेमाल पाएंगे।
1- RuPay के अलावा पीएम मोदी ने सिंगापुर में भीम, और एसबीआई एप भी लॉन्च किए। इन लॉन्च का मकसद भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ले जाना है।
2- इसे सिंगापुर के 33 साल पुराने पेमेंट सिस्टम NETS से जोड़ा गया है।
3- अब भारतीय यहां और सिंगापुर दोनों ही जगह पेमेंट के लिए RuPay का इस्तेमाल कर सकेंगे।
4- इतना ही नहीं, सिंगापुर के लोग भारत में भुगतान के लिए वहां के पेमेंट सिस्टम NETS का इस्तेमाल कर सकेंगे और भारतीय साइट्स से खरीददारी कर सकेंगे।
5- यह कदम दोनों देशों के बीच कई बिलियन डॉलर के लेनदेन को जन्म देगा क्योंकि करीब 5 मिलियन भारतीय सिंगापुर या उससे होकर यात्रा करते हैं।
6- अब भारत के लोगों को सिंगापुर में पेमेंट करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी, वे सीधे-सीधे भारतीय तरीके से ही पेमेंट कर पाएंगे।
7- SBI बैंक की सिंगापुर में 6 ब्रांच हैं और एटीएम भी हैं। एप लॉन्च हो जाने से ग्राहकों को लेनदेन में और आसानी होगी।
भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं भारत-सिंगापुर
गुरुवार को पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा था कि सिंगापुर के साथ हमारे संबंध गर्मजोशी से भरे हैं। हमने जब अपना दरवाजा दुनिया के लिए खोला और पूर्व का रख किया, तो सिंगापुर भारत और आसियान के बीच एक पुल बन गया। मोदी ने कहा कि हमारे राजनीतिक संबंधों में कोई दरार नहीं या संदेह नहीं है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक आवाज में बात करते हैं। सिंगापुर के जहाज अक्सर हमारे यहां रकते हैं। दो शेर (भारत और सिंगापुर) साथ मिलकर भविष्य की ओर कदम ब़़ढा सकते हैं। हमारे रक्षा संबंध बेहद मजबूत हैं और दोनों देश समय के साथ कदम मिलाकर चल रहे हैं।
बता दें कि नरेंद्र मोदी और सिंगापुर में उनके समकक्ष ली सिएन लूंग के बीच शुक्रवार को कई अहम समझौतों पर करार हुए। इनमें बहुत से ऐसे समझौते हैं, जिनसे आम जनता का सीधा कोई वास्ता नहीं। लेकिन ये एक समझौता ऐसा हुआ है जिससे खास ही नहीं आम जनता को भी भारी राहत मिलेगी।
दरअसल, गुरुवार को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से RuPay, BHIM और UPI-आधारित रेमिटेंस ऐप को लॉन्च किया। इसके बाद शुक्रवार को सिंगापुर के पीएम ने संयुक्त वार्ता में घोषणा की कि भारत के RuPay का इस्तेमाल सिंगापुर में भुगतान के लिए किया जा सकेगा। हालांकि अभी शुरुआत में भारतीय पर्यटक इसे सिंगापुर में कुछ खास जगहों समेत चांगई हवाई अड्डे पर ही इस्तेमाल कर पाएंगे लेकिन भविष्य में यह बड़ी राहत देने वाला कदम होगा।
-एजेंसी

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