क्रिकेटर एस. श्रीसंत को बड़ी राहत, आजीवन प्रतिबंध घटाकर सात साल हुआ

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से घिरे भारतीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध बीसीसीआई ने घटाकर सात साल का कर दिया। अब श्रीसंत का बैन 13 सितंबर 2020 को खत्म होगा। बीसीसीआई के लोकपाल डी के जैन ने कहा कि बतौर पेसर श्रीसंत अपनी उम्र का एक अहम काल सजा के तौर पर बीता चुके हैं, ऐसे में अब उनकी सजा कम कर देनी चाहिए।
6 फरवरी 1983 को जन्मे श्रीसंत 36 वर्ष के हो हैं। अगले साल जब उन पर लगा प्रतिबंध हटेगा तो वह 37 साल के हो चुके होंगे, ऐसे में वे शायद ही भारतीय टीम में वापसी कर पाए, लेकिन अपने ऊपर लगे आरोपों से जरूर मुक्त हो जाएंगे। बता दें कि 13 सितंबर 2013 को श्रीसंत पर आजीवन बैन लगाया था।
मार्च 2019 को श्रीसंत पर सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध हटा दिया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि बीसीसीआई के पास अनुशासनात्मक कार्यवाही का अधिकार है। कोर्ट ने बीसीसीआई से श्रीसंत को सुनवाई का मौका देने और 3 महीने में सजा तय का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आजीवन प्रतिबंध की सजा ज्यादा है।
आखिर क्या था पूरा मामला?
बीसीसीआई ने श्रीसंत पर आईपीएल-2013 में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाए जाने पर अजीवन प्रतिबंध लगाया था। इसके खिलाफ श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पहले बीसीसीआई ने कोर्ट में कहा था कि श्रीसंत पर भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी और खेल को बेइज्जत करने के आरोप हैं।
जुलाई 2015 में श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला सहित स्पॉट फिक्सिंग मामले में सभी 36 आरोपरियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने आपराधिक मामले से बरी कर दिया था।
श्रीसंत का करियर
श्रीसंत ने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में वनडे मैच के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया। श्रीसंत ने 27 टेस्ट में 37.59 की औसत से 87 विकेट, जबकि वनडे में 53 मैचों में 33.44 की औसत से 75 विकेट चटकाए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद श्रीसंत ने कहा था, ‘मैं लिएंडर पेस को आदर्श मानता हूं। जब वो 45 साल की उम्र में ग्रैंड स्लैम खेल सकते हैं, नेहरा 38 साल की उम्र में वर्ल्ड कप खेल सकते हैं तो मैं क्यों नहीं..? मैं तो केवल 36 साल का हूं. मेरी ट्रेनिंग जारी है।’
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »