कोर्ट से बहाल हुए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा आज फिर हटाए गए, सलेक्‍शन कमेटी का फैसला

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने आज सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को लेकर बड़ा फैसला लिया। यह अहम बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। समिति के अन्य सदस्यों में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस ए के सीकरी शामिल थे। जस्टिस सीकरी देश के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की तरफ से उपस्थित हुए। यह खबर ऐसे समय में आई है जब कुछ देर पहले ही सीबीआई सूत्रों ने जानकारी दी थी कि एजेंसी चीफ आलोक वर्मा ने आज ही 5 बड़े अफसरों का ट्रांसफर कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि पैनल की बुधवार को हुई बैठक बेनतीजा रही थी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आलोक वर्मा को उनके पद पर बहाल कर दिया था। इससे पहले सरकार ने करीब दो महीने पहले उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया था।
खड़गे ने कहा था, वर्मा को पक्ष रखने का मिले मौका
उच्चस्तरीय समिति की बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्होंने मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच रिपोर्ट सहित कई दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने आज पत्रकारों से कहा, ‘मैंने मामले में सीवीसी की जांच रिपोर्ट सहित कुछ दस्तावेज देने के लिए कहा है।’
उन्होंने कहा था कि आलोक वर्मा को भी समिति के सामने उपस्थित होने का मौका मिलना चाहिए और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका देना चाहिए।
सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा औैर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगााए थे जिसके बाद उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया था। वर्मा ने बुधवार को दोबारा पदभार संभालते हुए एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए ज्यादातर तबादले रद कर दिए थे। राव वर्मा की अनुपस्थिति में अंतरिम सीबीआई प्रमुख नियुक्त किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता मलिकार्जुन खड़गे और जस्टिस ए के सीकरी की सदस्‍यता वाली सलेक्‍शन कमेटी में यह फैसला लिया गया। उन पर भ्रष्‍टाचार के आरोपों में कार्यवाही की गई है। उनका तबादला कर दिया गया है लेकिन उनके नए विभाग के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। उनकी गैरमौजूदगी में एम नागेश्‍वर राव जिम्‍मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच भी जारी रहेगी। जस्टिस सीकरी ने सीवीसी की रिपोर्ट पर संतुष्टि जताई।यह बैठक पीएम मोदी के आवास पर करीब ढाई घंटे तक चली। सूत्रों ने बताया कि आलोक वर्मा को हटाने का फैसला 2-1 से लिया गया। पीएम मोदी और जस्टिस सीकरी ने उन्‍हें हटाने पर मुहर लगाई जबकि खड़गे ने इसका विरोध किया। बताया जा रहा है कि सीवीसी की रिपोर्ट के आधार पर वर्मा की छुट्टी की गई। बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने आलोक वर्मा को हटाए जाने के फैसले को चौंकाने वाला बताया।

-एजेंसी

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