हाथरस कांड में बड़ा खुलासा: एक आरोपी निकला नाबालिग

हाथरस। हाथरस के कथित गैंगरेप और मर्डर मामले में आरोपियों से सीबीआई द्वारा की गई पूछताछ के दौरान अहम खुलासा हुआ है। 19 साल की दलित युवती से जुड़े इस मामले के आरोपियों में एक नाबालिग है। इसकी पुष्टि खुद पुलिस अधिकारी ने की है। बता दें कि हाथरस कांड में सीबीआई तेजी से जांच कर रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को सीबीआई टीम ने आरोपियों से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की।
अलीगढ़ जिला कारागार में बंद आरोपियों से पूछताछ के लिए सीबीआई की छह सदस्यीय टीम सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर पहुंची। जेल अधिकारी ने बताया, ‘प्रत्येक आरोपी से अलग से पूछताछ के बाद सीबीआई टीम साढ़े 7 बजे यहां से रवाना हुई।’ चारों आरोपियों के परिजनों से सीबीआई पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान सभी के परिवारों ने दावा किया था कि आरोपियों को फंसाया जा रहा है।
सीबीआई टीम के पास है आरोपी की मार्कशीट
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चारों आरोपियों में से एक नाबालिग है। इस आरोपी की मार्कशीट के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 2 दिसंबर 2002 लिखी हुई है। परिजनों ने सीबीआई टीम को मार्कशीट दिखाई थी।
निलंबित पुलिसकर्मियों से सीबीआई की पूछताछ
हाथरस जांच में सीबीआई की धरपकड़ तेज है। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने सोमवार को कई लोगों से घटना को लेकर पूछताछ की। एक दूसरी टीम चंदपा पुलिस थाने पहुंची जहां मामले की पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। सीबीआई टीम ने चंदपा पुलिस थाने के तीन निलंबित पुलिसकर्मी- सागाबाद सीओ राम शब्द, एसएचओ दिनेश कुमार वर्मा और मोहर्रिर महेश पाल से घंटों पूछताछ की।
स्थानीय पत्रकारों और ऑटो ड्राइवर से भी पूछताछ
इसके अलावा सीबीआई टीम ने एक लोकल न्यूज़ साइट के दो पत्रकारों से पूछताछ की जो 14 सितंबर को तब पुलिस थाने में ही मौजूद थे, जब पीड़िता की मां और भाई उसे यहां लेकर आए थे।
सूत्रों के मुताबिक पीड़िता को पुलिस थाने से जिला अस्पताल ले जाने वाले ऑटो ड्राइवर से भी सीबीआई ने पूछताछ की। इससे पहले सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने अलीगढ़ के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज का दौरा किया जहां दिल्ली रैफर किए जाने से पहले तक पीड़िता भर्ती थी।
आरोपियों पर देशद्रोह का केस दर्ज
दूसरी ओर हाथरस आने के रास्ते जिन चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी उन पर देशद्रोह की धारा लगाई गई है। सोमवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। चारों पर पीएफआई से संबंधित होने का आरोप है। कोर्ट ने चारों के लिए दो-दो जमानतदार मांगे थे लेकिन जमानती नहीं मिलने पर चारों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया।
-एजेंसियां

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