बड़ा चैलेंज है छोटे बच्चों के साथ किसी रेस्ट्रॉन्ट में लंच या डिनर

छोटे बच्चों के साथ किसी रेस्ट्रॉन्ट में लंच या डिनर करने जाना अपने आप में बड़ा चैलेंज है। रेस्ट्रॉन्ट में उन्हें संभालना, खाना खिलाना, दूसरे लोगों को बच्चों के कारण परेशानी न हो इसका ध्यान रखना और इस सब के बीच खुद भी लंच करना आसान नहीं है। यही वजह है कि कई पैरंट्स ऐसे होते हैं जो बाहर डिनर के लिए जाना छोड़ देते हैं और बच्चों के बड़े हो जाने पर ही दोबारा रेस्ट्रॉन्ट जाना शुरू करते हैं। आपके साथ ऐसा न हो, इसके लिए हम बता रहें हैं कुछ टिप्स…
सही जगह का चुनाव
बाहर खाना खाने जा रहे हैं तो जगह का चुनाव करते हुए इस बात का ध्यान रखें कि वह फैमिली और किड्स फ्रेंडली हो। ऐसे कई रेस्ट्रॉन्ट होते हैं जहां बच्चों के लिए खास चीजें होती हैं, जिससे पैरंट्स के लिए उन्हें मैनेज करना आसान हो जाता है। ऐसी जगहों पर ज्यादातर लोग भी वह आते हैं जो मानसिक रूप से बच्चों के शोर के लिए तैयार होते हैं, ऐसे में वह आपसे आपके बच्चे की शिकायत करने नहीं आएंगे।
थके हुए बच्चे को बाहर न ले जाएं
बच्चा अगर थका हुआ है तो वह कहीं भी ले जाए जाने पर चिड़चिड़ाने लगता है। साथ ही चीजें फेंकने, रोने, चिल्लाने जैसी हरकतें करने लगता है, लेकिन यह सब आम बात है। बेहतर यही होगा कि आप अपने थके हुए बच्चे को बाहर खाना खाने के लिए जबरन न ले जाएं।
बच्चों से यह उम्मीद न पालें
बच्चे कभी भी एक जगह पर नहीं बैठ सकते और जाहिर सी बात है कि फैमिली अगर रेस्ट्रॉन्ट में डिनर के लिए जाए तो उन्हें एक ही जगह पर काफी देर बैठे रहना पड़ेगा। ऐसे में बच्चा अगर सीट से बार-बार दूर जाए तो इसमें कोई हैरान करने वाली बात नहीं है। आप कोशिश करें कि ऑर्डर देने के बाद बच्चा अगर सीट से भागने लगे तो उसे थोड़ी देर बाहर टहला लाएं। खाना आ जाने के बाद वह अपनी मर्जी से सीट पर बैठा रहेगा और आप भी सुकून से फूड इंजॉय कर सकेंगे।
-एजेंसियां

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