जो बाइडन ने स्पष्ट किया, इसराइल को लेकर उनके नज़रिये में कोई बदलाव नहीं

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने स्पष्ट किया है कि “इसराइल को लेकर उनके नज़रिये और उनकी प्रतिबद्धता में कोई भी बदलाव नहीं आया है.”
उन्होंने कहा कि “अमेरिका की डेमोक्रैटिक पार्टी का समर्थन अब भी इसराइल को ही है.”
राष्ट्रपति जो बाइडन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ शुक्रवार को हुई एक प्रेस-वार्ता में यह बात कही.
उन्होंने कहा कि “इसराइल और फ़लस्तीनियों के संघर्ष में ‘दो-राष्ट्र की नीति’ ही कोई समाधान हो सकती है. डेमोक्रैटिक पार्टी इसका समर्थन करती है.”
बाइडन ने कहा कि “मध्य-पूर्व में इसराइल के अस्तित्व को स्वीकार करना होगा, मानना होगा कि वो एक स्वतंत्र यहूदी राष्ट्र है, तभी उस क्षेत्र में शांति हो सकती है.”
पिछले कुछ दिन में कई अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक यह लिख चुके हैं कि ‘मध्य-पूर्व को लेकर अमेरिका (डेमोक्रैटिक पार्टी) के नज़रिये में एक नाटकीय बदलाव आया है. ख़ासकर युवा पीढ़ी में जिनका फ़लस्तीनियों के प्रति रुख़ ज़्यादा सहानुभूति भरा है और डेमोक्रैटिक पार्टी के समर्थकों में उम्र के अंतर की वजह से यह बदलाव साफ़ दिख रहा है.’
कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया गया कि ‘बाइडन की पार्टी में इसराइल की नीतियों को फ़लस्तीनियों की परेशानियाँ बढ़ाने वाला माना जा रहा है. अमेरिकी संसद में मध्य-पूर्व के संघर्षों के मामले में अमेरिकी विदेश नीति का झुकाव पारंपरिक तौर पर इसराइल की ओर रहा. लेकिन जैसे-जैसे संसद में विविधता बढ़ती गई है, इसराइल के प्रति अमेरिकी नीति पर इसके अहम प्रभाव दिखने लगे हैं.’
मगर इस तरह की चर्चाओं के बीच शुक्रवार को राष्ट्रपति जो बाइडन ने कुछ चीज़ें स्पष्ट कीं.
उन्होंने कहा, “मैंने राष्ट्रपति महमूद अब्बास (फ़लस्तीनी प्राधिकरण) से बात करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि हम वेस्ट बैंक में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. हमने अपनी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को नवीकृत किया है. साथ ही वेस्ट बैंक के लोगों के लिए हमारी आर्थिक प्रतिबद्धताएं भी हैं.”
उन्होंने कहा कि वे ग़ज़ा के पुनर्निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए वे कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर किसी पैकेज के बारे में विचार कर सकते हैं.
बाइडन ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ये संघर्ष-विराम टिकेगा. मैं इसके लिए प्रार्थना करता हूँ. वैसे भी नेतन्याहू ने कभी भी मुझे दिये अपने शब्द बदले नहीं हैं. हालांकि, मैंने यह साफ़ कहा है कि वेस्ट बैंक में रहने वाले फ़लस्तीनियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और अब्बास को फ़लस्तीनी लोगों का नेता माना जाना चाहिए जो कि वो हैं भी.”
इस प्रेस वार्ता में बाइडन ने कहा कि “हमास एक चरमपंथी संगठन है, अमेरिका ऐसा ही मानता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अमेरिका आम फ़लस्तीनी नागरिकों की ग़ज़ा में मदद नहीं करेगा जिन पर इस संघर्ष की दो-तरफ़ा मार पड़ी है.”
उन्होंने कहा कि “इसराइली नागरिक, चाहे वो अरब हो या यहूदी, सभी को बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए और लोगों में आपसी बैर पर रोक लगनी चाहिए.”
जो बाइडन ने बताया कि उनके प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य इसराइली सरकार में अपने समकक्षों समेत मिस्र और मध्य-पूर्व के अन्य देशों से लगातार संपर्क में हैं.
इस प्रेस वार्ता में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने भी युद्ध विराम पर ख़ुशी ज़ाहिर की और उन्होंने कहा कि “वो राष्ट्रपति बाइडन की मेहनत का सम्मान करते हैं जिन्होंने लगातार इसके लिए प्रयास किया.”
-BBC

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