BHU में 15 दिनों से चल रहा छात्रों का धरना खत्म, आंदोलन जारी रहेगा

वाराणसी। BHU में संस्कृत के प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में 15 दिनों से चल रहा छात्रों का धरना आज शुक्रवार की शाम खत्म हो गया परंतु छात्रों का कहना है क‍ि वे अभी आंदोलन जारी रखेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस सम्बन्ध में BHU प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है ज‍िसके बाद संस्कृत विद्या धर्म विभाग के डीन के साथ बैठक के बाद छात्रों ने यह फैसला लिया। छात्रों ने फिरोज खान की नियुक्ति के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है, शनिवार को वाराणसी स्थित पीएम कार्यालय पर पत्रक देने का भी निर्णय हुआ है।

आज छात्रों ने BHU प्रशासन से नियुक्तियों पर नियमों को लेकर कुछ सवाल पूछे हैं इसके जवाब म‍िलने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

आंदोलनरत छात्रों ने कुलपति से ये सवाल पूछे हैं

1. इस नियुक्ति प्रक्रिया में विश्वविद्यालय ने यूजीसी के किस शार्ट लिस्टिंग प्रक्रिया को अपनाया है?

2. विश्वविद्यालय संविधान के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न हुई है?

3. क्या बीएचयू ऐक्ट के 1904, 1096, 1915, 1955, 1966 और 1969 ऐक्‍ट को केंद्र में रखकर यह नियुक्ति की गई है?

4. संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में क्या संकाय के अन्य सभी विभागों के अनुरूप ही शार्ट लिस्टिंग हुई है?

5. क्या संकाय के सनातन धर्म के नियमों को ध्यान में रखकर शार्ट लिस्टिंग की गई है?

बीएचयू प्रशासन ने आंदोलनरत छात्रों की ओर से पूछे गए इन सवालों का 10 दिन के अंदर लिखित जवाब देने का आश्‍वासन दिया है।

बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में छात्र 15 दिन से मुस्लिम प्रोफेसर डा. फ‍िरोज़ खान की नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि किसी मुस्लिम प्रोफेसर से हिंदू धर्म के कर्मकांड को सीखना महामना मदन मोहन मालवीय की मूल मंशा को चोटिल करना है।

हालांक‍ि आंदोलनरत छात्रों को बीएचयू प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि धर्म विज्ञान संकाय के सहित्य विभाग में फिरोज खान का सहायक प्रोफेसर के रूप में चयन हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया था कि डॉ. फिरोज खान कर्मकांड नहीं, बल्कि संस्कृत साहित्य पढ़ाएंगे।

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