‘भय बिनु होइ न प्रीति’…अयोध्या से पीएम मोदी ने द‍िया व‍िश्व के ‘कई देशों’ को संदेश

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में 492 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का ‘उत्तरकांड’ आज अपने श‍िखर की ओर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम जन्मभूमि में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन करने के साथ ही आधार शिला भी रखी।
इसके पहले प्रधानमंत्री अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर में प्रभु राम के भक्त हनुमान और रामलला का पूजन और दर्शन किया। अभिजित मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राम सभी के हैं। वह सभी का मन में बसते हैं।

करीब एक घंटे चले संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का चरण छूकर आशीर्वाद लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम आगे बढ़ेंगे देश आगे बढ़ेगा। भगवान राम का यह मंदिर युगो-युगो तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा। मार्गदर्शन करता रहेगा। वैसे कोरोना की वजह से जिस तरह के हालात हैं। प्रभु राम का मर्यादा का मार्ग और अधिक आवश्यक है। वर्तमान की मर्यादा है दो गज की दूरी मास्क है जरूरी। मर्यादाओं का पालन करते हुए सभी देशवासियों को प्रभु राम और माता जानकी स्वस्थ रखें, सुखी रखे यही प्रार्थना है। सभी देशवासियों पर माता सीता और श्रीराम का आशीर्वाद बना रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वयं प्रभु श्रीराम राम समय स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते हैं सोचते हैं करते भी हैं। राम हमें समय के साथ बढ़ना सिखाते हैं, समय के साथ चलना सिखाते हैं। राम परिवर्तन के पक्षधर हैं। राम आधुनिकता के पक्षधर रहा है। श्रीराम के आदर्शों के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्य पालन की सीख दी है अपने कर्तव्यों को कैसे निभाए इसकी सीख दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई भी दुखी ना हो, कोई भी गरीब ना हो, नर नारी सभी समान रूप से सुखी हों, श्रीराम का निर्देश है किसान पशुपालक सभी हमेशा खुश रहें, श्रीराम का आदेश है बुजुर्गों की बच्चों की चिकित्सकों की सदैव रक्षा होनी चाहिए। श्रीराम का आह्वान है जो शरण में आए उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। श्रीराम का संदेश है अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। यह भी श्री राम की नीति है भय बिन होय न प्रीति। हमारा देश जितना ताकतवर होगा उतनी ही शांति ही बनी रहेगी। राम की यही नीति यही रीति सदियों से भारत का मार्गदर्शन करती रही है। महात्मा गांधी ने इन्हीं मंत्रों के आलोक में रामराज्य का सपना देखा था राम का जीवन उनका चरित्र ही गांधी जी के राम राज्य का रास्ता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केवट से लेकर वनवासी बंधुओ को भगवान राम की विजय का माध्यम बना। जिस तरह दलितों पिछड़ों आदिवासियों समाज के हर वर्ग ने आजादी की लड़ाई में गांधी जी को सहयोग दिया, उसी तरह आज देशभर के लोगों के सहयोग से राम मंदिर निर्माण का यह पुण्य कार्य प्रारंभ हुआ है। देश भर से लाई गई मिट्टी व जल यहां की अमोघ शक्ति बन गई। उन्होंने कहा कि जैसे पत्थरों पर श्री राम लिख कर रामसेतु बनाया गया वैसे ही घर घर से गांव गांव से श्रद्धा पूर्वक वहां से लाए यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं। देशभर के धामों औरलाई गई मिट्टी और नदियों का पवित्र जल संस्कृतिय यहां की अमोघ शक्ति बन गई हैं, वाकई यह ना भूतो ना भविष्यति है। मुझे विश्वास है कि श्री राम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला भव्य राम मंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का देव तक होगा। अनंत काल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक पल युगों युगों तक दिग दिगंत तक भारत की कीर्ति पताका लहरा रहेगी। आज का यह दिन करोड़ों राम भक्तों के संकल्प के सत्यता का प्रमाण है। आज का यह दिन सत्य अहिंसा आस्था और बलिदान को न्याय प्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है। भूमि पूजन का यह कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए देश में वैसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था, जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। हमने तब भी देखा था कैसे सभी देशवासियों ने शांति के साथ सभी की भावनाओं का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था। आज भी हम हर तरफ वही मर्यादा दे रहे हैं। इस मंदिर के साथ सिर्फ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा है, इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीराम मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और यह मंदिर करोड़ों करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आस्था श्रद्धा और संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। इस मंदिर के बनने के बाद अयोध्या की सिर्फ भव्यता ही नहीं बढ़ेगी, इस क्षेत्र का पूरा अर्थ तंत्र भी बदल जाएगा। यहां हर क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे। हर क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे। सोचिए पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे। पूरी दुनिया प्रभु राम और माता जानकी का दर्शन करने आएगी। राम मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया राष्ट्र को जोड़ने का उपक्रम है।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई काम करना हो तो हम भगवान राम की ओर देखते हैं। भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए इमारतें नष्ट हो गईं, क्या कुछ नहीं हुआ, अस्तित्व मिटाने का हर कोई प्रयास हुआ। लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं। राम संस्कृति के आधार हैं। भारत की मर्यादा हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। इसी आलोक में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के लिए आज भूमि पूजन हुआ है। यहां आने से पहले मैंने हनुमानगढ़ी का दर्शन किया। राम के सब काम हनुमान ही तो करते हैं। राम के आदर्शों की कलयुग में रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हनुमान जी की ही है। हनुमान जी के आशीर्वाद से श्री राम मंदिर भूमि पूजन का आयोजन शुरू हुआ। श्री राम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। मैं जानबूझकर आधुनिक शब्द का प्रयोग कर रहा हूं।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के समय कई कई पीढ़ियों ने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया था। गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब आजादी के लिए आजा आंदोलन ना चला हो देश का कोई भूभाग ऐसा नहीं था जहां आजादी के लिए बलिदान ना दिया गया हो। स्वतंत्रता की कि उस उत्कट इच्छा भावना का प्रतीक है ठीक उसी तरह राम मंदिर के लिए कई कई सदियों तक कई कई पीढ़ियों ने अखंड अविरत एक निष्ठा प्रयास किया। त्याग बलिदान और संघर्षों से आज यह सपना साकार हो रहा है। मैं उन सब लोगों को 130 करोड़ देश वासियों की तरफ से सर झुका कर के नमन करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदियों से चल रहे टूटने और उठने के क्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्त हुई है।

वर्षों से टाट में रहे हमारे राम लला के लिए भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। सदियों से चल रहे टूटने और उठने के क्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्त हुई है। राम मंदिर के लिए कई सदियों तक कई पीढ़ियों ने संघर्ष किया। नींव की तरह जिनकी तपस्या राम मंदिर में गड़ी है उनको देश वासियों की तरफ से नमन।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन जय सिया राम के साथ प्रारंभ किया। आज इस जय घोष की गूंज पूरे विश्व में है। सभी देश वासियों, भारत भक्तों को और राम भक्तों को कोटि-कोटि बधाई। यह मेरा सौभाग्य है श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का अवसर दिया। आना बड़ा स्वाभाविक भी था क्योंकि राम काज कीने बिन मोहि कहां विश्राम। भारत आज भगवान भास्कर के सामने सरयू किनारे एक नया अध्याय रच रहा है। आज पूरा भारत राममय है। हर मन दीप मय है। पूरा देश रोमांचित है हरमन दीप में है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। आज पूरा भारत भावुक। सदियों का इंतजार आज समाप्त।
– एजेंसी

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