पुलिस सहायता के लिए रिजर्व हुई ट्रेन की S-1 कोच में बर्थ नंबर 63

लखनऊ। महिलाओं की सुरक्षा व यात्रियों की सहायता के लिए अब पुलिस सहायता प्राप्‍त करने हेतु ट्रेन की S-1 कोच में बर्थ नंबर 63
को रिजर्व कर दिया गया है।

रेलवे ने चलती ट्रेन में जरूरत पडऩे पर यात्रियों को पुलिस सहायता देने के लिए स्लीपर क्लास के एस-1 कोच में बर्थ नंबर 63 रिजर्व कर दी है। रेलवे मकसद यह है कि यात्रियों को चलती ट्रेन में पुलिस की सहायता की जरूरत है तो वह ट्रेन के एस-वन कोच में सीट नंबर 63 पर जाकर सहायता मांग सकते हैं।

रेलवे ने हाल में इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया है। इसके तहत अगर किसी ट्रेन में सिक्युरिटी की जिम्मेदारी जीआरपी की है तो इस सीट पर जीआरपी का कर्मी उपलब्ध होगा और अगर ट्रेन की जिम्मेदारी आरपीएफ की है तो उसका जवान वहां उपलब्ध होगा।

स्लीपर क्लास की सभी ट्रेनों में एस वन कोच की सीट नंबर 63 सुरक्षाकर्मी के लिए होगी। इससे यात्रियों को सुरक्षाकर्मी को खोजने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और वे आसानी से सुरक्षाकर्मी के पास जाकर अपनी शिकायत कर सकेंगे या मदद ले सकेंगे।

हाल ही जिस तरह से ट्रेनों में महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले सामने आए उससे केंद्र सरकार पर उंगली उठने लगी थी। इतना ही ट्रेनों में डकैती और लूट पाट की वारदातों में बढ़त होने लगी थी।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए रेलवे मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। जिसके लिए आदेश जारी कर दिया है। जिस पर तत्काल प्रभाव से अमल में लाया जा रहा है।

हालांकि जिन यात्रियों ने पहले से ट्रेन का टिकट लिया है और उनके पास एस-1 कोच का 63 बर्थ मिला तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे यात्रियों की यात्रा पर कोई प्रभाव नहीें पड़ेगा।

रेलवे के टीसी को मिलेगी सीयूजी की सुविधा, यात्रियों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखकर किया गया फैसला

भारतीय रेलवे ने टिकट जांचने वाले अपने कर्मचारियों (टीसी) को क्लोज्ड यूजर ग्रुप (सीयूजी) प्रणाली की सुविधा दी है. इसकी मदद से टीसी किसी आपात स्थिति में रेलवे के किसी भी अधिकारी से बिना कोई देरी के संपर्क कर सकेगा. रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है क्योंकि किसी भी तरह की आपदा या प्रतिकूल हालात में यात्री सबसे पहले उन्हीं से सपर्क करते हैं. रेलवे बोर्ड ने इस बारे में पत्र जारी किया है जिसके अनुसार टिकट जांच करने वाले उसके अग्रणी स्टाफ हैं.

इसके अनुसार इन कर्मचारियों को सीयूजी सक्षम सिम कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे ताकि वे जरूरत के हिसाब से सम्बद्ध अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर सकें. इस सिम से एक महीने में 300 रुपये तक की लागत की कॉल की जा सकेंगी. इससे अधिक की लागत पर पैसा स्टाफ को देना होगा.

-एजेंसी