इजरायल के चुनावों में फिर जीती बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी

इजरायल के आम चुनावों में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। कांटे की टक्कर वाले चुनाव में उन्होंने वाम दलों के गठबंधन को हराया है।
मिली जानकारी के मुताबिक 95 प्रतिशत से ज्यादा वोटों की गिनती हो चुकी है, जिनमें नेतन्याहू को जीत मिली।
बता दें कि इस चुनाव में नेतन्याहू को सेवानिवृत्त जनरल बेनी गैंट्ज से कड़ी टक्कर मिल रही थी। वह ब्ल्यू ऐंड वाइट गठबंधन के प्रमुख थे। वह सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुख बनाकर साफ-सुथरी राजनीति का वादा कर नेतन्याहू को चुनौती दे रहे थे।
जानकारी के मुताबिक नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी को 37 सीटें मिल चुकी हैं। वहीं गैंट्ज की पार्टी भी 36 सीटों पर विजयी है। वहां की संसद में कुल 120 सीटें हैं। हर बार की तरह इस बार भी किसी पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिला है लेकिन फिर भी नेतन्याहू मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं जो गठबंधन करके सरकार बना सकते हैं। ऐसा हुआ तो नेतन्याहू इजरायल के इतिहास में सबसे ज्यादा लंबे वक्त तक कुर्सी पर रहने वाले पीएम (5वीं बार) होंगे। ऐसा करके वह इजरायल के जनक कहे जाने वाले डेविड बेन से आगे निकल जाएंगे।
कहने को तो यह दुनिया के एक देश में होने वाला आम सा चुनाव ही था, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चलता था कि इसमें भारतीय लोकसभा चुनाव की भी झलक थी। वहां के मौजूदा पीएम खुद को मोदी की तरह ‘चौकीदार’ बताते रहे हैं। दोनों देशों के चुनाव में आतंकवाद ही ऐसा मुद्दा रहा है जिस पर मौजूदा सरकारें ‘खेलती’ रही हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत के इस मित्र राष्ट्र में चुनाव भी भारत के ही अंदाज में हुए हैं। इतना ही नहीं, जहां भारत में मोदी खुद को चौकीदार बता रहे हैं वहीं इजरायल में नेतन्याहू अपने आप को ‘मिस्टर सिक्योरिटी’ कहते हैं। मोदी की तरह नेतन्याहू के लिए भी यह मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन नेतन्याहू को फिर से सरकार बनाने का भरोसा था। इजरायल में जहां 9 अप्रैल को मतदान हुआ वहीं भारत में 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। इजरायल का चुनाव प्रचार भी कुछ-कुछ भारत के स्टाइल में हुआ।
-एजेंसियां

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