web series की डिमांड के पीछे का गणित, फिल्मों और सीरियल्स को छोड़ रहीं पीछे

मुंबई। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर web series के धमाल से बॉलीवुड में नयी किरण जाग तो रही है जिसकी एक वजह ये है कि कहानियों के साथ प्रयोग हो रहा है और नए कंटेट ने दर्शकों के बीच विकल्प दिया है। अभी भी दर्शकों का एक बड़ा वर्ग है जो web series से अछूता है। ऐसे में चलिए हम आपको बताते हैं कि ये वेब सीरिज होता क्या है और इसकी मांग हर दिन क्यों बढ़ती जा रही है।

web series क्या है
फिल्मों और टीवी सीरियल से इतर वेब सीरीज में 8-10 एपिसोड होते हैं। जो अलग-अलग कहानी पर आधारित होती है। एक एपिसोड 25 से 45 मिनट तक के होते हैं। ये वेब सीरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई बार एक साथ लॉन्च कर दिए जाते हैं, तो वहीं कई बार हर हफ्ते एक एपिसोड लॉन्च होता है।

कंटेट में नयापन
टीवी चैनलों की बात करें या फिल्मों की, अक्सर एक ही विषय के इर्द-गिर्द कहानी घूमती रहती है। जबकि वेब सीरीज में कंटेट सबसे बड़ा हथियार है। यहां प्रोड्यूसर-डायरेक्टर को बोल्ड कंटेट से लेकर कई ऐसे मुद्दों पर सीरीज बनानी की छूट होती है जिन्हें फिल्मों या सीरियल्स में आमतौर पर नहीं दिखाया जाता। खासकर ये युवाओं के लिए एक बेहतर माध्यम है जो फिल्मों में नाच-गाने और फैमिली ड्रामे से अलग कहानियां देखना चाहते हैं।

सेंसर की कैंची नहीं
फिल्मों में जब भी बोल्ड या एडल्ट कंटेट होता है तो प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को सेंसर बोर्ड से उलझना पड़ता है। जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेंसर जैसा कुछ नहीं है। हाल ही में अनुराग कश्यप की वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स बहुत चर्चा में रही। अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो जब भी कोई फिल्म बनाते हैं उसके बाद एक महीने तक वो सेंसर बोर्ड के चक्कर लगाते रहते हैं जबकि वेब सीरीज रिलीज होने के बाद वो फ्री हैं और रिलैक्स महसूस कर रहे हैं।

हर दिन बढ़ रही डिमांड
टेलीकॉम कंपनियों के फ्री इंटरनेट देने की वजह से भी दर्शकों के लिए ये वेब सीरीज देखना आसान हो गया है। आज के दौर में युवाओं के पास समय की कमी होती है ऐसे में वो फोन में इसे कभी भी देख सकते हैं।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »