Beef निर्यात पूर्णतय बन्द हो एवं गाय के लिए अलग बने गौ मंत्रालय: राजेन्द्रदास जी महाराज

Beef निर्यात पूर्णतय बन्दी  एवं गाय के लिए अलग बने गौ मंत्रालय बनाने की मांग के साथ सुरभि ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र के तत्वाधान में होने वाली गौरक्षा अभियान यात्रा 2018 पर मंथन करने हेतु मलूकपीठ वृन्दावन में सन्तों एवं समाजसेवियों की बैठक आहूत की गई। जिसमें वृन्दावन मथुरा के पूज्यनीय सन्तों एवं समाजसेवियों द्वारा भाग लिया गया। इस बैठक में गौरक्षा के लिए देश व्यापी आन्दोलन खड़ा हो इस पर मंथन किया गया।
मलूकपीठाधिश्वर देवाचार्य श्री राजेन्द्रदास जी महाराज ने कहा कि गाय के लिए देश के सभी सन्तों एवं गौरक्षकों को एकजुट होने की आवश्यकता है। गौरक्षा के लिए सर्वप्रथम सरकार को गौमांस निर्यात को पूर्णतय बन्द किया जाये इसी के साथ अलग गौ मंत्रालय बनाकर गौसंवर्धन के लिए कार्य करना चाहिए। गांव गांव में जो गोचर भूमि है उसकी मुक्ती पर बल देना होगा जरूरत है सभी के सहयोग एवं संगठित होने की जब गौरक्षा शब्द की सार्थकता सिद्ध हो सकती है।
गीतामनीषी पूज्य ज्ञानानन्द जी महाराज ने कहा कि राज्य स्तर पर गाय के लिए अलग से आयोग कुछ राज्यों में चल रहे है परन्तु उनका सही से कार्य न करना समस्या है आवश्यकता है जनमानस में जागरूकता की। सरकार के मंत्रियों के साथ जब भी चर्चा होती है तो गौरक्षा हमारा पहला मुद्दा होता है। हमें गौरक्षा के लिए देश में जितने भी संगठन और व्यक्ति कार्य कर रहे है उनको संगठित कर गौ रक्षा के इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाना चाहिए।
केन्द्र के संयोजक स्वामी नारायण दास ने कहा गौरक्षा के लिए जनजाग्रति की बहुत आवश्यकता है एवं इसके लिए गांव स्तर से प्रारम्भ कर जिला, राज्य और राष्ट स्तर पर गौपालकों का समूह तैयार किया जा रहा है मार्च 2018 में होने गौरक्षा अभियान यात्रा को लेकर 200 जिलों में तैयारियां की जा रही है। इस कार्य में संतो एवं समाजसेवियों के सहयोग से इसे बल प्रदान किया जायेगा।

स्वामी श्री रामानन्द सरस्वती महाराज, महामण्डलेश्वर नवलगिरी जी, पूज्य फुलडोल जी महाराज, महन्त डाॅ श्री आदित्यानन्द जी ने कहा कि गौरक्षा के लिए संत समाज सदैव अग्रणी है।

इस अवसर पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री, श्री गोपेश बाबा, हरिबोल बाबा, समाजसेवी गोपेश चतुर्वेदी, दीनबन्धु दास, धर्मरक्षा मंच के सौरभ गौड़ जी, आचार्य बद्रीश जी, वन्दनदास महाराज, लवदास जी महाराज, यमुना मिशन के पं अनिल शर्मा, घनश्याम शर्मा, मुकेश ठाकुर, तेजप्रताप सिंह, विशाल प्रभु, कृष्णकान्त अवस्थी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।