BCI का नोटिस: क्यों ना सांसदों और विधायकों को वकालत से दूर रखा जाए

नई दिल्‍ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बुधवार को वकालत करने वाले नेताओं को नोटिस जारी किए हैं। इस नोटिस में उनसे जवाब मांगा गया है कि क्यों ना सांसदों और विधायकों को वकालत से दूर रखा जाए।
BCI ने वकालत करने वाले नेताओं से इस सिलसिले में एक हफ्ते में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
Bar Council issues notice to all MLA/MLC/MPs who are practicing as lawyers on the issue of whether they should be debarred from practice while they are serving as legislators. Asks them to file their replies in one week.
— ANI (@ANI) January 10, 2018
बता दें कि भाजपा के नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और BCI को पत्र लिख आग्रह किया था कि एमएलए और सांसदों को वकालत से रोका जाए।
गौरतलब है कि एक अनुमान के अनुसार 16वीं लोकसभा के करीब 7 फीसदी सांसद वकालत करते हैं।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि BCI और अधिवक्ता अधिनियम के नियमों के तहत किसी भी नेता को वकालत के पेशे से दूर नहीं रखा जा सकता ऐसे में वह कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस कर सकते हैं।
-एजेंसी