#MeToo के आरोपों से बरी हुए बीसीसीआई के सीईओ Rahul Johri

मुंबई। #MeToo के आरोपों में फंसे बीसीसीआई के सीईओ Rahul Johri को बरी कर दिया गया है,  बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त जांच समिति के चेयरमैन ने कहा है कि राहुल जौहरी को बीसीसीआई के सीईओ पद पर बने रहना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि जौहरी को उसी क्रम के साथ अपनी ड्यूटी ज्वाइन करना चाहिए, क्योंकि सीओए के दो सदस्यों के बीच कोई आम सहमति नहीं है कि राहुल जौहरी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप को भी जांच समिति ने खारिज कर दिया है और उन्हें क्लीन चिट देते हुए पद पर बने रहने का निर्देश दिया है।

बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही स्वतंत्र जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति को सौंप दी। सीओए और जांच समिति के सदस्यों के बीच बुधवार दोपहर 11:30 बजे बीसीसीआई मुख्यालय में बैठक हुई इसके बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी।

जौहरी के ऊपर हरनिध कौर नाम की लेखिका ने #MeToo कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न ने अपने ट्विटर हैंडल पर अज्ञात द्वारा लगाए आरोपों को साझा किया था। ये वाकया उस वक्त का बताया गया तब का है जब वो डिस्कवरी चैनल में उनके साथ काम करती थीं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सीओए ने जौहरी को कारण बताओ नोटिस भेजा और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया। राहुल जौहरी ने 20 अक्टूबर को अपनी सफाई जारी करते हुए कहा था कि उन पर महिला लेखक द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

सीओए ने मामले की जांच के लिए स्वंतत्र जांच समिति का गठन किया। जिसका अध्यक्ष इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश राकेश शर्मा को बनाया गया। उनके साथ समिति में दिल्ली महिला आयोग की पूर्व प्रमुख बरखा सिंह और वकील वीना गौड़ा को भी शामिल किया गया।

स्वतंत्र जांच समिति से आग्रह किया गया था कि इस मामले की जांच से जुड़े नतीजे व सुझाव 15 दिन के अंदर सौंपे जाएं। जौहरी तब तक छुट्टी पर रहेंगे जब तक कमिटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती और उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।’

समिति में अधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराने के लिये एक अलग ईमेल भी बनाया था। जिसमें बीसीसीआई में से या बाहर से कोई भी व्यक्ति जिसकी कोई शिकायत हो, जिसके पास कुछ सूचना हो, जिसके पास कुछ सबूत हों जो यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित हो तो वो इन्हें समिति को सात दिन के भीतर नौ नवंबर 2018 तक bcciinquirycommittee@gmail.com  पर भेज सकता था।’

ऐसे में एक अन्य महिला जौहरी के खिलाफ बयान देने सामने आईं। अब जांच समिति ने सारे दस्तावेजों की जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »