BCB अध्यक्ष का खुलासा, भारत दौरे को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रच रहे हैं शीर्ष क्रिकेटर्स

ढाका। BCB (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) के अध्यक्ष नजमुल हसन ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश के आगामी भारत दौरे को नुकसान पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और देश के शीर्ष क्रिकेटर्स की 11 मांगों को लेकर की गई हड़ताल इसका हिस्सा है।
3 टी20 और 2 टेस्ट के बांग्लादेश के 4 हफ्ते के भारत दौरे से पहले बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी स्तर पर बेहतर वेतन को लेकर हड़ताल की थी, लेकिन BCB के मांग मानने पर सहमत होने के बाद इसे वापस ले लिया था।
हसन ने शीर्ष बंगाली दैनिक ‘प्रोथोम आलो’ को दिए साक्षात्कार में कहा, आप लोगों (मीडिया) ने भारत दौरे को लेकर अब तक कुछ नहीं देखा है। इंतजार कीजिए और देखिए। अगर मैं कह रहा हूं कि मेरे पास सूचना है कि यह भारतीय दौरे को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र है तो आपको मुझ पर विश्वास करना चाहिए।
वे ऐसा क्यों सोचते हैं, जब इस बारे में विस्तार से बताने को कहा गया तो हसन ने संदेह जताया कि जिस तरह सीनियर सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल अपनी पत्नी के प्रसव का हवाला देकर दौरे से हट गए जबकि शुरुआत में वे सिर्फ अंतिम टेस्ट से बाहर रहने पर सहमत हुए थे। बोर्ड के अध्यक्ष ने इस बात का भी खुलासा किया है कि कई खिलाड़ी भारत दौरे से अपना नाम वापस ले सकते हैं।
बांग्लादेश की क्रिकेट टीम टी20 और टेस्ट सीरीज खेलने के लिए बुधवार को भारत आएगी। 30 अक्टूबर को टीम दिल्ली पहुंचेगी। दौरे पर रवाना होने से ठीक पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के इस बयान ने सबको चौंका दिया है।
उन्होंने कहा, “तमीम के भारत दौरे से हटने के बाद अब अगर कोई और भी अपना नाम वापस ले लेता है तो मुझे कोई आश्चर्य नहीं होगा। अगर आखिरी वक्त में कोई खिलाड़ी अपना नाम वापस ले ले तो भी हमारे पास कोई विकल्प ही नहीं बचेगा। मैंने को शाकिब को बात करने के लिए बुलाया था। अब अगर वो भी अपना नाम वापस ले लेते हैं तो मैं कप्तान की तलाश कहां करूंगा। मुझे पूरे कॉम्बिनेशन को ही बदलना पड़ेगा। इन खिलाड़ियों के साथ मैं क्या करूंगा।”
हसन को लगता है कि वह खिलाड़ियों की चाल में आ गए। उनको ऐसा महसूस हो रहा है कि खिलाड़ियों मांग को मानकर उन्होंने गलती कर दी। “मुझे अब तक यह भरोसा नही होता है। मैं उन सभी से हरदिन बात करता हूं। उन्होंने स्ट्राइक करने से पहले मुझे कुछ भी नहीं बताया। मुझे लगता है यह मेरी तरफ से गलती हुई कि मैंने उनकी मांग को मान लिया। मुझे ऐसा कभी नहीं करना चाहिए था।”
-एजेंसियां

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