RBI के एक निर्देश पर बैंकों ने बंद किए लाखों Current Accounts

नई दिल्‍ली। बैंकों ने लाखों चालू खाते (Current Accounts) बंद कर दिए हैं जिससे कई छोटे कारोबारियों को दिक्कत हो रही है। माना जा रहा है कि केवल एसबीआई (SBI) ने ही 60,000 अकाउंट्स बंद किए हैं। बैंकों ने आरबीआई के एक निर्देश पर इन खातों को बंद किया है जिसका पालन करने की समयसीमा समाप्त हो गई है। इसके मुताबिक बैंक उन कस्टमर्स के चालू खाते नहीं खोल सकते हैं जिन्होंने दूसरे बैंकों से लोन लिया है।
बैंकों ने कस्टमर्स को ईमेल भेजकर उनके करेंट अकाउंट्स बंद करने या फ्रीज करने की जानकारी दी है। एसबीआई ने अपने एक कस्टमर को भेजे पत्र में कहा है कि आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक हम आपको सलाह देते हैं कि आप हमारी ब्रांच में अपना कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट अकाउंट बनाए रख सकते हैं लेकिन आपका करेंट अकाउंट बंद करना होगा। कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट अकाउंट की सुविधा लेते समय इसे मेनटेन नहीं किया जा सकता है। आपसे अनुरोध है कि 30 दिन के भीतर अपना करेंट अकाउंट बंद करने की व्यवस्था करें।
एसबीआई ने बंद किए 60,000 से अधिक अकाउंट्स
कस्टमर्स को कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद एसबीआई ने 60,000 से अधिक अकाउंट्स बंद कर दिए हैं। पिछले साल अगस्त में आरबीआई ने करेंट अकाउंट्स खोलने के लिए नए नियम बनाए थे। इसमें कहा गया था कि लोन लेने वाले का केवल उसी बैंक में चालू खाता हो सकता है जिसमें उसकी कुल उधारी का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा हो। बैंकों को इसका पालन करने के लिए केवल 3 महीने का समय दिया गया था लेकिन इसके क्रियान्वयन में देरी के कारण आरबीआई ने इसकी समयसीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी थी।
इस नियम का मकसद कैश फ्लो पर नजर रखना और फंड्स की हेराफेरी पर लगाम कसना है। आरबीआई ने पाया कि मौजूदा गाइडलाइंस और जुर्माने के प्रावधानों के बावजूद लोन लेने वाले कई बैंकों में चालू खाते खुलवाकर फंड्स की हेराफेरी कर रहे थे। नए नियम का मकसद तो साफ है लेकिन कस्टमर्स को काफी असुविधा हुई है। एक सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हमें हजारों अकाउंट्स बंद करने के लिए मजबूर किया गया है। अगर सभी बैंकों को बात की जाए तो यह संख्या लाखों में हो सकती है। यह एक चुनौतीपूर्ण काम है।’
कस्टमर्स की शिकायत
कई कस्टमर्स ने ट्टिवर कर अपनी भड़ास निकाली है। आईसीआईसीआई बैंक के एक कस्टमर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। रमेश चंद्रन नाम के यूजर ने लिखा, मैडम कृपया एमएसएमई बैंक अकाउंट्स की मदद कीजिए। आईसीआईसीआई बैंक ने बिना जानकारी के उन्हें फ्रीज कर दिया है। 4 में से 3 करेंट अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए हैं। आरबीआई के सर्कुलर में कंपनियों को ओडी फैसिलिटी के साथ केवल एक सिंगल अकाउंट रखने को कहा गया है।
मोहन भार्गव नाम के एक अन्य यूजर की शिकायत है कि वह HDFC Bank में अपना अकाउंट नहीं खोल पा रहे हैं क्योंकि उनका बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ ओडी अकाउंट है। एक अन्य कस्टमर ने शिकायत की कि यूनियन बैंक ने उसका करेंट अकाउंट फ्रीज कर दिया है। बैंकरों ने कहा कि वे कस्टमर्स को हो रही परेशानी से वाकिफ हैं लेकिन उन्हें अकाउंट बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। एक प्राइवेट बैंक के अधिकारी ने कहा, ‘हमने पिछले साल से कस्टमर्स को कई बार रिमाइंडर भेजा था। हमारे रिलेशनशिप मैनेजर्स ने भी कोशिश की थी। लेकिन कस्टमर्स ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।’
-एजेंसियां

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