रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर बांग्‍लादेश ने भारत से मदद मांगी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शिरकत की। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि अब जितना जल्द हो सके रोहिंग्या शरणार्थी अपने देश वापस लौट जाएं और भारत भी म्यांमार से बात करवाने में मदद करे।
रोहिंग्या शरणार्थियों की बात उठाते हुए बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना ने भारत की मदद मांगी। उन्होंने कहा, ‘रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में आसरा लिया हुआ है। हमने उन्हें इंसानियत के नाते जगह दी। हम चाहते हैं कि जितनी जल्द हो सके, वे अपने देश लौट जाएं। मैं चाहती हूं कि आप (भारत) म्यांमार से हमारी बातचीत करवाने में मदद करे ताकि वे रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस अपने देश ले जा सकें।’
बता दें कि दीक्षांत समारोह के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और शेख हसीना ने 25 करोड़ रुपये की लागत से बने बांग्लादेश भवन का भी उद्घाटन किया। पीएम ने इस मौके पर कहा कि शायद यह पहला मौका है, जब किसी दीक्षांत समारोह में दो देशों के प्रधानमंत्री पहुंचे हैं। भारत और बांग्लादेश एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। इस कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और शेख हसीना एक द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश के करीब 150 प्रतिनिधि दीक्षांत समारोह और बांग्लादेश भवन के उद्घाटन के लिए यहां पहुंचे हैं।
तीस्ता नदी बंटवारे पर नहीं होगी बात
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा था कि वह शनिवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करेंगी लेकिन तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे के मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीस्ता नदी पर चर्चा के लिए इस कार्यक्रम के दौरान कोई जगह नहीं है।
-एजेंसी

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