गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार शामिल होगी बांग्लादेश सशस्त्र बल की टुकड़ी

नई दिल्‍ली। भारत के ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार बांग्लादेश सशस्त्र बलों की साझेदारी होगी। बांग्लादेश की 122 सदस्यीय टुकड़ी इस बार राजपथ पर होने वाले समारोह में हिस्सा लेगी। यह दल अपने भारतीय समकक्षों के साथ राजपथ पर मार्च करेगा। दोनों देश इस साल अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस टुकड़ी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अबू मोहम्मद शाहनूर शावॉन और उनके दल के लेफ्टिनेंट फरहान इशराक और फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिबह रहमान करेंगे। इस टुकड़ी में बांग्लादेश सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान शामिल होंगे। शामिल होने वाले अधिकांश जवान बांग्लादेश सेना की सबसे प्रतिष्ठित इकाइयों में से 1, 2, 3, 4, 8, 9, 10 और 11 पूर्वी बंगाल रेजिमेंट और 1, 2 और 3 फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट से हैं।
इन इकाइयों को 1971 के लिबरेशन वॉर में लड़ने का सम्मान प्राप्त है। बांग्लादेश की इस टुकड़ी ने सुप्रसिद्ध मुक्तियोद्धाओं की विरासत को संभाल कर रखा है। मुक्तियोद्धाओं और उनके पूर्वजों ने अत्याचार के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी थी।इस टुकड़ी में बांग्लादेश की नौसेना और वायु सेना के सदस्य भी हैं जिन्होंने बांग्लादेश की मुक्ति में काफी योगदान दिया था। सूत्रों ने कहा कि बांग्लादेश की नौसेना और वायुसेना का ‘ऑपरेशन जैकपॉट’ और ‘केलो फ्लाइट’ उसके संकल्प, साहस और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई का प्रदर्शन था।
एक सूत्र ने कहा, “मुक्ति वाहिनी और भारतीय सेनाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मन के खिलाफ जीत हासिल की। मुक्ति वाहिनी और भारतीय सैनिकों का खून बांग्लादेश की मिट्टी और पानी में मिला हुआ है। यह एक अटूट बंधन है, जिसका इतिहास में कोई सानी नहीं है। हमारा इतिहास एक महान और न्यायसंगत कार्यो के लिए मुक्तियोद्धा, उनके पूर्वज और और भारतीय सैनिकों के साहस और शाश्वत संघर्ष की कहानियों से भरा पड़ा है।”
बांग्लादेश सशस्त्र बल एक अनुशासित और पेशेवर फोर्स माना जाता है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। भारतीय सशस्त्र बलों की तरह, बांग्लादेश सशस्त्र बल का भी दुनियाभर में संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान रहा है। इस वर्ष भारत और बांग्लादेश अपने संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष मना रहे हैं, और बांग्लादेश अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष मना रहा है। दोनों देश इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। पूरे वर्ष दूसरे देशों में भी संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच मौजूद भाईचारे जैसा संबंध एक रणनीतिक साझेदारी भी है।
-एजेंसियां

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