बलिया गोलीकांड: मुख्‍य आरोपी ने वीडियो जारी करके कहा, मैंने गोली नहीं चलाई

बलिया। यूपी के बलिया जिले में गोलीकांड पर यूपी की सियासत गरमाई हुई है। इस बीच फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्लू ने एक वीडियो जारी करते हुए खुद को बेगुनाह बताया है। बलिया में कोटे की दुकान आवंटन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। आरोप है कि बीजेपी नेता धीरेंद्र ने सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में जयप्रकाश पाल नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि नौ मिनट के इस वीडियो में धीरेंद्र ने कहा है कि उसने गोली नहीं चलाई। वीडियो वारदात के अगले दिन यानी 16 अक्टूबर का बताया जा रहा है। उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित हुआ है।
‘मुझे नहीं मालूम किसकी गोली से जयप्रकाश की मौत’
वीडियो संदेश जारी करते हुए धीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि मौके पर मौजूद अधिकारी अगर न्याय संगत निर्णय लेते तो माहौल इस कदर नहीं बिगड़ता। उसने जयप्रकाश पाल को गोली मारने के आरोप से इंकार करते हुए कहा कि मुझे नहीं मालूम कि किसकी चलाई गोली से जयप्रकाश की मौत हुई। वीडियो में उसने अपने ऊपर साजिश कर फंसाए जाने का आरोप लगाया है। वीडियो के शुरुआती कुछ सेकंड देखने पर ही यह बात साफ है कि यह घटना के अगले दिन शूट किया गया है। वीडियो में धीरेंद्र ने बीजेपी के फ्रंटल संगठन सैनिक प्रकोष्ठ से जुड़े होने की बात भी कही है।
अफसरों से बवाल की आशंका जताई थी: धीरेंद्र
इस वीडियो में धीरेंद्र कह रहा है कि उसने अफसरों से बवाल होने की आशंका जाहिर की थी। उसका दावा है कि कई बार पत्रक देकर अधिकारियों को कोटे के आवंटन से जुड़ी समस्या से भी अवगत करवाया था लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। उसने एसडीएम, बीडीओ,और सीओ पर रिश्वत लेकर ग्राम प्रधान का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। धीरेंद्र ने वीडियो में कहा है कि पंचायत भवन के पास खेत की जुताई कराकर जानबूझकर उस स्थान पर बैठक कराई गई, जहां पाल, गोंड और पासवान जाति के लोगों का घर है। ये दूसरे पक्ष के पैरोकार हैं। उसने आरोप लगाया है कि एसडीएम पाल बिरादरी के हैं और दूसरे पक्ष के पैरोकार भी उसी बिरादरी से हैं।
‘मारपीट-पथराव के वक्त एसडीएम-सीओ के बगल खड़ा था’
वीडियो धीरेंद्र में कह रहा है कि जब मारपीट और पथराव शुरू हुआ तो वह एसडीएम और सीओ के बगल में ही खड़ा था। उसने उसी समय अधिकारियों से मामले को नियंत्रित करने की बात कही, लेकिन उसकी बात अनसुनी कर दी गई। धीरेन्द्र ने कहा कि वह रिटायर्ड सैनिक है और 18 साल तक भारतीय सेना में रहा है। जब पुलिस मुझे घेरकर पीटने लगी तो सीओ की गिरफ्त से हाथ छुड़ाकर भाग निकला। धीरेंद्र ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने की बात कही है। धीरेंद्र का कहना है कि उसके कुनबे के कई लोगों को मारा-पीटा गया, जिसमें एक जख्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
‘मेरे घर में तोड़फोड़, महिलाओं से हुई बदसलूकी’
यही नहीं धीरेंद्र ने पुलिस पर अपने घर में खड़ी गाड़ियों और समान की तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इस दौरान परिवार की महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। धीरेंद्र का कहना है कि उसने मृतक के परिवार के सदस्य आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। पूरे मामले के लिए उसने एसडीएम, क्षेत्राधिकारी (सीओ) और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को दोषी ठहराया है।
‘मेरे एक परिजन की मौत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं’
उसने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन उसके परिवार के लोगों का उत्पीड़न कर रहा है। धीरेंद्र का आरोप है कि एक परिजन की मौत के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन की तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। उसने वीडियो में सीएम योगी आदित्यनाथ से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
धीरेंद्र समेत 6 आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम
इस बीच फरार धीरेंद्र का सुराग ढूंढने में पुलिस जुटी है। बिहार सीमा से सटे होने के कारण बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी किया गया है। धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सहित सभी 6 आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने फरार सभी आरोपियों पर इनाम का ऐलान किया है। डीआईजी आजमगढ़ का कहना है कि सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी। इसके साथ ही आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए तामील किया जाएगा। इस मामले में धीरेंद्र के भाई को पुलिस ने शुक्रवार को ही गिरफ्तार किया था।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *