भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रवक्ता बने Baijayant Panda

नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव से पहले Baijayant Panda को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। बीजू जनता दल के पूर्व सांसद Baijayant Panda को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता बनाया गया है। कुछ दिन पहले ही Baijayant Panda अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए थे। बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

ओडिशा के पंचायत चुनावों में दूसरे स्थान पर काबिज होने वाली भाजपा की राजनीतिक उम्मीदों को दिग्गज राजनीतिज्ञ और सत्तारू़ढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद बैजयंत जय पांडा का साथ मिल गया है। चार बार संसद सदस्य रहे जय पांडा ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा जुएल उरांव की उपस्थिति में पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। पांडा बीजद के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं। भाजपा को विश्वास है कि जय पांडा के साथ से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उसे ओडिशा में लाभ होगा। राज्य में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव भी संभावित हैं।

पांडा दो बार केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट से लोकसभा सदस्य रहे, जबकि दो बार उन्होंने राज्यसभा में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। बीजद प्रमुख व प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ मतभेद के क्रम में उन्हें 24 जनवरी 2018 को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया गया। बीजद को शक था कि पांडा भाजपा के करीबी हो गए हैं। बीजद ने उन पर मनी लांड्रिंग का भी आरोप लगाया था। मई 2018 में पांडा ने पहले पार्टी और दो सप्ताह बाद ही लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। राजनीति में आने से पहले पांडा कारपोरेट सेक्टर में काम करते थे।

भाजपा की प्राथमिकता में ओडिशा

गौरतलब है कि ओडिशा भाजपा के लिए वरीयता वाला प्रदेश है। वर्ष 2017 के पंचायत चुनावों में कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेलती हुई भाजपा दूसरे नंबर पर काबिज हो गई थी। हालांकि, वषर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल एक सुंदरगढ़ सीट पर ही जीत मिली थी। 20 सीटें बीजद के खाते में चली गई थीं।

गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनावों में पांडा ने बीजेडी के टिकट पर केंद्रपाड़ा से जीत हासिल की थी, जिसके बाद पार्टी के तमाम आंतरिक मतभेदों और पांडा पर लगे आरोपों के कारण उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस बीच 2017 के पंचायत चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद वे बीजू जनता दल को लगातार ‘आत्मविश्लेषण’ की सलाह देते रहे हैं।

-एजेंसी

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