भारतीय कामगारों के ल‍िए बुरी खबर, Oman में स्थानीय लोगों को ही म‍िलेगी नौकरी

मस्कट। तेल की बेहद कम होती कीमतों के कारण Oman की अर्थव्यवस्था पर संकट के कारण वहां की सरकार ने आदेश द‍िया है क‍ि अब तेल कंपन‍ियां स्थानीय लोगों को ही नौकरी पर रखेंगी।  Oman में रह रहे भारतीय लोगों पर बड़ी तादाद में नौकरी जाने का संकट मंडराने लगा है। ओमान सरकार ने कंपनियों में विदेशी लोगों की जगह अपने नागरिकों की नौकरी पर रखने के लिए आदेश जारी किए हैं।

Oman के वित्त मंत्रालय ने देश की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि वह अपने यहां विदेशी नागरिकों की जगह ओमानी नागरिकों को भर्ती करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। मंत्रालय ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी अभी भी राज्य में संचालित फर्मों में प्रबंधकीय पदों पर काबिज हैं।

वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को जुलाई 2021 तक प्रबंधकीय पदों सहित विदेशी कर्मचारियों के स्थान पर ओमानियों को नियुक्त करने के लिए समय सारिणी देने के लिए दिया।

कंपनियों को 2021 तक प्रबंधकीय पदों समेत अन्य पदों पर विदेशी कर्मचारियों के स्थान पर योग्य ओमानियों को नियुक्त करने के लिए कहा गया है। सरकार के इस फैसले के बाद ओमान में रह रहे भारतीयों के बड़ी संख्या में प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

ओमान में लगभग 7.7 लाख भारतीय हैं, जिनमें से 6.55 लाख कामगार या पेशेवर लोग हैं। यह भारतीय ओमान की कुल आबादी 46 लाख का करीब 17 फीसदी हैं। ओमान में विदेशी नागरिकों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक है। अरब देशों में करीब 2.5 करोड़ विदेशी नागरिक हैं, जिनमें ज्यादातर एशियाई हैं।

अपने नागरिकों को नौकरी पर रखने के आदेश के साथ सरकार ने कहा है कि यह काम तेजी से और संगठित ढंग से किया जाना है। सरकार ने यह कदम तेल की कीमतों में गिरावट और कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था में सुस्ती के चलते बेरोजगारी बढ़ने की आशंका को लेकर उठाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही गिरावट से तेल समृद्ध क्षेत्र को कड़ी चोट लगी है। ऐसे में खाड़ी के ज्यादातर देशों ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में विदेशियों पर अपने नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए कानून पेश किया है।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *