बाबरी मस्जिद एक्शन समिति ने आउट ऑफ कोर्ट सैटलमेंट का सुप्रीम कोर्ट का सुझाव ठुकराया

Babri Masjid Action Committee rejects Supreme Court's suggestion of out-of-court settlement
बाबरी मस्जिद एक्शन समिति ने आउट ऑफ कोर्ट सैटलमेंट का सुप्रीम कोर्ट का सुझाव ठुकराया

नई दिल्‍ली। बाबरी मस्जिद एक्शन समिति ने सुप्रीम कोर्ट की उस पेशकश को ठुकरा दिया है जिसमें उसने दोनों पक्षों से राम मंदिर विवाद को कोर्ट से बाहर सुलझाने तथा खुद मध्‍यस्‍थता करने की बात कही थी। उसके सदस्यों का कहना है कि कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है।
बीबीसी के मुताबिक बाबरी मस्जिद एक्शन समिति के सदस्य सैयद कासिम रसूल इल्यास का कहना है कि बातचीत का मतलब है सरेंडर।
हालांकि जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका भी मानना है कि दोनों पक्षों को बैठकर हल निकालना चाहिए।
मामले से जुड़े जफरयाब जिलानी की प्रतिक्रिया है कि हम सुझाव का स्वागत करते हैं लेकिन हमें कोई आउट ऑफ कोर्ट सैटलमेंट मंजूर नहीं। अगर सुप्रीम कोर्ट कोई मध्यस्थता से हल निकलता है, तो हम तैयार हैं।
भाजपा प्रवक्ता संविद पात्रा का कहना है कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का व्यापक अध्ययन करेगी और संबंधित पक्ष इसको मिलकर सुलझाएंगे।
वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के विचारक राकेश सिन्हा ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर पहले से ही था लिहाजा वहां राम मंदिर का ही निर्माण होना चाहिए। मस्जिद का निर्माण नहीं होना चाहिए। इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। अब समाधान ढूढ़ने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
वहीं याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। राम जहां पैदा हुए, मंदिर वहीं बनेगा, मस्जिद को सरयू नदी के उस पार बनाया जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय इस सकारात्मक प्रस्ताव पर विचार करेगा।
देश के सबसे संवेदनशील राममंदिर-बाबरी मस्जिद मुद्दे सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सभी पक्ष कोर्ट से बाहर बातचीत से मसले को हल करने की कोशिश करें। देश की सबसे बड़ी अदालत ने मध्यस्थता करने की पेशकश भी की। इसके बाद देशभर से प्रतिक्रियाओं को दौर जारी है।
अदालत के इस फैसले का केंद्र सरकार ने स्वागत करते हुए कहा कि इस मुद्दे को अदालत के बाहर सुलझाने की पूरी कोशिश करेंगे। कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी के मुताबिक, हम कल से ही मध्यस्थता शुरू करने को तैयार हैं।
-एजेंसी

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