बाबरी विध्‍वंस का श्रेय राजीव गांधी और नरसिम्हा राव को भी देना चाहिए: ओवैसी

नई दिल्‍ली। ऑल इंडिया इत्तेहाद-उल-मुसलमीन AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही देश की धर्मनिरपेक्ष छवि और संवैधानिक मूल्यों पर खतरे की बात कर रहे हैं।
अब जब वहां राम मंदिर के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन होने जा रहा है तो वो इस मामले को और जोर-शोर से उठाने लगे हैं। ओवैसी ने अपने ताजा हमले में कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन में कांग्रेस पार्टी गुपचुप तरीके से राष्ट्रीय स्वंय संघ (RSS) के साथ रही। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस में कांग्रेस के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव की भूमिका होने का आरोप लगाया।
राजीव और नरसिम्हा राव पर निशाना
ओवैसी ने एक खबर को रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘हमें उन्हें श्रेय दिया जाना चाहिए जो इसके असली हकदार हैं। आखिरकार राजीव गांधी ने ही तो बाबरी मस्जिद के ताले फिर से खुलवाए थे और बतौर प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने अपनी देखरेख में इसे गिरवाया था। मस्जिद ध्वस्त करने के आंदोलन में कांग्रेस भीतर-भीतर संघ परिवार से मिली हुई थी।’
दरअसल, एक वेबसाइट ने कांग्रेस के कुछ नेताओं के हवाले से कहा है कि राम मंदिर भूमि पूजन समारोह बीजेपी-आरएसएस का कार्यक्रम है जिसमें शामिल होने का न्योता कांग्रेस के किसी नेता को नहीं दिया गया है।
मोदी का बतौर पीएम जाना गलत: ओवैसी
लोकसभा सांसद ने इससे पहले कहा था कि नरेंद्र मोदी का बतौर प्रधानमंत्री राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल होना संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ है। उनके इस बयान पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने जबर्दस्त पलटवार करते हुए कई सवाल पूछ डाले और उन्हें दाढ़ी वाले जिन्ना तक कह डाला। पात्रा के इस बयान पर ट्विटर पर #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह सोमवार शाम ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया।
-एजेंसियां

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