अपना app और सोशल मीडिया के साथ आए बाबा विश्वनाथ

बाबा विश्वनाथ मंदिर में होने वाली आरती की बुकिंग के लिए app लांच हो चुका है। बाबा विश्वनाथ का फेसबुक और ट्विटर पर सोशल मीडिया अकाउंट भी बनाया जा चुका है। साथ ही जल्द ही यहां बन रहे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का थ्री डी वाकथ्रू भी बनकर तैयार हो जाएगा। इसे इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पहले ही श्रद्धालु इसके असली स्वरुप का वर्चुअल दीदार कर सकेंगे। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यहां शेड, पंखे और कूलर लगाए जा चुके हैं ताकि तेज धूप और बारिश से उनका बचाव हो सके।

app से कराएं आरती का टिकट बुक

काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि इस ऐप को लांच कर दिया गया है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर ‘Shri Kashi Vishwanath Aarti Booking’ के नाम से मौजूद है और एंड्रायड स्मार्टफोन्स पर डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप की मदद से श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के दरबार में होने वाली आरतियों मंगला आरती, भोग आरती, सप्तऋषि आरती और शयन आरती के लिए बुकिंग कर सकते हैं। सीईओ ने बताया कि इस एप में जल्द ही और फीचर्स जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के आरती के साथ-साथ मंदिर के गेस्ट हाउस की बुकिंग भी करवा सकेंगे। जल्द ही इस एप के जरिए श्रद्धालु दुनिया के किसी कोने से लाइव दर्शन भी कर सकेंगे।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का बन रहा है 3D मॉडल

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का ऑफिसियल ब्लूप्रिंट न जारी होने से, इसको लेकर काफी विवाद हो रहा है। भक्त दो धड़ों में बंट चुके हैं. एक तरफ जहां इस प्रोजेक्ट को समर्थन मिल रहा है, वहीं इसको लेकर कड़ा विरोध भी हो रहा है। इन सबके बीच इस कॉरिडोर का थ्री-डी वाकथ्रू बनाने का काम भी शुरू हो गया है। एक तो यह इस प्रोजेक्ट को लेकर लोगों के मन में जो गलतफहमियां है उन्हें दूर करेगा, दूसरा इससे काशी आने से पहले ही श्रद्धालु इस कॉरिडोर का वर्चुअल टूर कर सकेगा। मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि इस थ्रीडी वाकथ्रू को देश के बड़े म्यूजियम्स में दिखाया जाएगा। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की पहल पर आईआईटी दिल्ली की के टीम ने काम भी शुरू कर दिया है। टीम सरकार के परमिशन से मंदिर और आसपास के इलाके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने में लगी है। इसके बाद एक टेक्निकल टीम मंदिर के इलाके की स्टडी कर मंदिर की इमारत और आसपास के मंदिरों की हर पहलू से डिटेल्ड स्टडी करेगी। बता दें डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देश के महत्वपूर्ण मंदिरों का थ्री डी मॉडल तैयार करवा रहा है।

 

बाबा के दरबार में भीड़ को कण्ट्रोल करेगा app

सीईओ विशाल सिंह एक मुताबिक़ इस एप से मंदिर में होने वाली अनावश्यक भीड़ को भी रोका जा सकेगा. उन्होंने बताया कि यह एप अगर मंदिर की कैपेसिटी के हिसाब से ही टिकट की बुकिंग करेगा। कभी-कभी मैन्युअल बुकिंग के कारण मंदिर के गर्भगृह के आसपास चारों पहर की आरती में निर्धारित भक्तों की संख्या से ज्यादा टिकट बुक हो जाया करते थे। इसके आलवा मंदिर में तैनात कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना टिकट के भी कुछ भक्तों को मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश दे दिया जाता था। इस एप से इस समस्या का समाधान भी किया गया है।

मंदिर में ही मिलेगी मेडिकल फैसिलिटी

अब काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले बीमार और वृद्ध श्रद्धालुओं को इलाज के लिए भटकना नहीं पडेगा। इसके लिए बीएचयू समेत देश के नामचीन हॉस्पिटल्स के डॉक्टर्स की सुविधा जल्द ही मंदिर परिसर में ही मिलने लगेगी। अहमदाबाद की क्रिटिकल केयर संस्था के प्रपोजल को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही मंदिर परिसर में जल्द ही मेडिकल यूनाइट की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए मंदिर के पास ही सरस्वती फाटक पर मंदिर भवन को चुना गया है। इस इमारत के 500 वर्ग मीटर एरिया में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन सिस्टम, वेंटिलेटर और लाइफ सेविंग इक्विपमेंट्स लगाए जाएंगे। यहां भक्तों को 24×7 मेडिकल फैसिलिटी देने के लिए तीन शिफ्ट में डॉक्टर अवेलेबल रहेंगे। इसके अलावा सीसीयू के ट्रेंड स्टाफ और क्रिटिकल केयर संस्था से जुड़े देशभर के स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स भी टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भक्तों का इलाज करेंगे।

 

सोशल मीडिया से भी जुड़े बाबा विश्वनाथ

आज के ज़माने में सोशल मीडिया को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। इसको देखते हुए मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी ने काशी विश्वनाथ मंदिर का ट्विटर और फेसबुक पर सोशल मीडिया अकाउंट भी बनाया है। इस app के जरिए भी श्रद्धालु मंदिर से जुड़े अपडेट्स की जानकारी पा सकते हैं।

-एजेंसी

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