आनंद गोपालदास ने मीड‍िया से कहा, Braj Foundation ने जीर्णोद्धार की आड़ में जलाशयों पर कब्‍जा किया

मथुरा। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास की ओर से Braj Foundation के खिलाफ 27/11/2019 को दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना जवाब दाखिल किया व Braj Foundation के अधिवक्ता ने भी विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिये समय मांगा । बाबा आनंद गोपाल दास के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने भी उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल शपथपत्र पर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस आशय की जानकारी आज बाबा आनंद गोपाल दास ने अपने अपने अधिवक्‍ता सार्थक चतुर्वेदी के साथ एक स्‍थानीय होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी।

प्रदेश सरकार ने की बाबा आनंद गोपाल दास द्वारा ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण पर लगाए सभी आरोपों की पुष्टि

उन्‍होंने बताया कि ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण पर बाबा आनंद गोपाल दास के द्वारा लगाए सभी आरोपों की पुष्टि करते हुए आज उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना जवाब दाखिल किया। उत्तर प्रदेश सरकार को एन जी टी ने गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान मामले की सुनवाई में पिछली तारीख पर याचिकाकर्ता की तरफ से ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण पर लगाए गए सभी आरोपों का जवाब दाखिल करने को कहा था। इसके उपरांत जिलाधिकारी मथुरा ने एक कमेटी का गठन कर आनंद गोपाल दास की और से दाखिल याचिका पर बिंदुवार जवाब देने के लिए कहा गया । जिलाधिकारी मथुरा द्वारा इस जांच कमेटी में उप जिला अधिकारी सदर मथुरा, तहसीलदार सदर, तहसीलदार गोवर्धन, तहसीलदार छाता, अधिशाषी अभियंता, सिचाई, जल निगम, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप प्रभागीय वन अधिकारी को नामित किया गया।

सभी कुंडों पर बिना किसी मान्य अनुमति के कार्य कर कब्जा किया गया

इस जांच कमेटी ने याचिका के सभी बिंदुओं की संयुक्त रूप से स्थलीय जांच की तथा उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन किया। कमेटी ने पाया कि सभी कुंडों पर बिना किसी मान्य अनुमति के ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण ने कार्य करवाया तथा कुंडों का क्षेत्रफल कम करके उन पर कब्जा तक किया।

जांच कमेटी संकर्षण कुंड, रुद्र कुंड, ऋणमोचन कुंड, ब्रह्म कुंड, जय कुंड, रामताल कुंड, कृष्ण सरोवर कुंड, चंद्र सरोवर कुंड, वनमाली कुंड, रत्नाकर सागर, गोमतीगंगा का निरीक्षण कर इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण ने जीर्णोद्धार के नाम पर कुंडों और तालाबों के मौलिक स्वरूप को परिवर्तित करते हुऐ पक्का निर्माण कर प्राकृतिक जल स्रोतों से शौचालय, गार्ड रूम, कार्यालय आदि पर अतिक्रमण कर लिया है। इसके अलावा सभी कार्य बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के किये गये, जो कि विधि विरुद्ध हैं और जिनकी वित्तीय जांच भी होनी चाहिए।

पिछली सरकारों से मिल कर ब्रज की सुंदरता के नाम पर हुआ करोड़ों का घोटाला: आनंद गोपाल दास

याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास ने सरकार पर भी आरोप लगाते हुए बताया कि ब्रज फाउंडेशन ने ब्रज को सजाने के नाम पर जलाशयों का नाश किया है और उत्तर प्रदेश सरकार अभी भी सिर्फ जवाब दाखिल करने के अतिरिक्‍त कुछ नहीं कर रही है। सरकार द्वारा विनीत नारायण व ब्रज फाउंडेशन पर जानबूझ कर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है और ब्रज फाउंडेशन को बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यायालय में दाखिल किए गए जवाब से यह तो साफ कर दिया है कि ब्रज फाउंडेशन व विनीत नारायण ने अपने निजी स्वार्थ के लिये यह सब कार्य किया लेकिन इतने सालों से किसी भी अधिकारी द्वारा उन पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही न करना यह दर्शाता है कि कहीं ना कहीं इस पूरी मिलीभगत में पूर्व के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं और इसीलिए आज भी विनीत नारायण व ब्रज फाउंडेशन को बचाने का प्रयास किया जा रहा है ।

एनजीटी में अगली सुनवाई 20 दिसंबर को, सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी तलब

न्यायालय ने सर्विस रोड व रिंग रोड पर अपना कड़ा रुख रखते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिये उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को तलब किया है ।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गोवर्धन में अभी तक सर्विस रोड ना बनने को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए एनजीटी में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को अगली तारीख 20 दिसंबर के लिए तलब किया है ।

गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के न्यायाधीश रघुवेंद्र सिंह राठौर और सत्यवान सिंह गब्रयाल ने गोवर्धन में अभी तक सर्विस रोड ना बनने पर एतराज जताया और कहा कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने न्यायालय में मार्च 2019 में शपथ पत्र दाखिल कर कहा था क‍ि गोवर्धन के सभी कार्य जल्दी पूरे करा दिए जाएंगे तथा गोवर्धन सर्विस रोड का कार्य के लिए पैसा भी जल्द ही आवंटित कर दिया जाएगा ।

एनजीटी ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के प्रति भी नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को अगली तारीख पर मौजूद रहने को कहा तथा मुख्य सचिव पीडब्ल्यूडी से भी जवाब मांगा कि अभी तक सर्विस रोड के कार्य में प्रगति क्यों नहीं हो सकी ।
– Legend News

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