Ayushman बीमा योजना में फर्जीवाड़ा कर गरीबों की सूची में आ गए अमीर

संभल। पश्‍चिमी उत्‍तरप्रदेश के संभल में Ayushman बीमा योजना की सूची के सत्‍यापन में फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें गरीबों की सूची में बड़ी संख्‍या में अमीर लोग शामिल कर लाभार्थी बना दिये गये।

संभल में गरीबों के बेहतर सेहत और उनके इलाज के लिए लागू की गई सरकार की आयुष्‍मान बीमा योजना के लाभार्थियों की सूची में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आयुष्‍मान बीमा योजना की सूची के सत्‍यापन में सैकड़ों लोग अपात्र पाए गए हैं।

हालात यह हैं कि चंदौसी में 7 हजार लोगों की सूची में करीब 900 लोग अपात्र मिले हैं। ये ऐसे लोग हैं जो लखपति, करोड़पति या फिर सरकारी कर्मचारी हैं। पूरे जिले की बात की जाए जो ऐसे अपात्रों की संख्‍या हजारों में है। इनके नाम गरीबों की योजना की इस सूची में फर्जी तरीके से डाले गए हैं। इसे लेकर सत्‍यापन रिपोर्ट एमओआईसी के अधिकारियों की ओर से सीएमओ को सौंपी गई है।

बता दें कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और सरकार ने एक अप्रैल से गरीबों के लिए आयुषमान बीमा योजना लागू की है. इस योजना के तहत गरीबों और असहाय लोगों के परिवार को प्रति वर्ष प्रति परिवार के हिसाब से 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत शामिल परिवार के किसी भी सदस्य की गंभीर बीमारी का इलाज कराया जा सकता है लेकिन जिस तरह से संभल में Ayushman बीमा योजना की सूची के सत्यापन में सैकड़ों अपात्र मिल रहे हैं उससे इस योजना के क्रियान्‍वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस योजना का लाभ जरुरतमंदों को देने के लिए स्वास्थ्य महकमे और निकाय कर्मचारियों की टीम द्वारा जिले में सत्यापन का काम किया जा रहा है। सत्यापन के लिए 2011 के आर्थिक सामाजिक और जातिगत जनगणना को आधार बनाया गया है। सत्यापन की शुरुआत चन्दौसी, संभल, सिरसी, नरौली से की गई है।

Ayushman बीमा योजना की सूची में जिले में चन्दौसी के 7000 लोग शामिल थे। सत्यापन कार्य में लगी टीम ने जब मौके पर जाकर सूची में शामिल लोगों का सत्यापन किया तो अकेले चन्दौसी में ही 900 लोग अपात्र निकले। यह ऐसे लोग हैं जो कि लखपति, करोड़पति और सरकारी कर्मचारी हैं जो किसी भी तरह से आयुष्मान बीमा योजना के लाभ की केटेगरी में नहीं आते।

इस संदर्भ में जब जिले की सीएमओ से जानकारी की गई तो उनका कहना था कि Ayushman bima yojana की यह सूची उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है लेकिन यदि सूची में अपात्र लोगों के नाम शामिल हैं तो उनका सत्यापन कराकर उनके नाम हटाए जाएंगे।
-एजेंसी

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