प्रदूषण से बचने में आयुर्वेद कर सकता है मदद

दिल्ली-एनसीआर के लोग प्रदूषण से परेशान हैं और फिलहाल कुछ दिनों तक इससे राहत मिलने के आसान भी नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं बचा है। लेकिन अगर आप अपने खान-पान का ध्यान रखें तो इस स्थिति से खुद को कुछ हद तक जरूर बचाया जा सकता है। खासतौर पर आयुर्वेद इसमें आपकी मदद कर सकता है। आयुर्वेद के हिसाब से अगर आप अपनी डायट को रखेंगे तो सेहत को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा…
खाने में इन चीजों का करें सेवन
– खाने में दूध, घी, रोटी, दलिया, चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, हरे साग और सूप को शामिल करें।
– तोरई, सीताफल, टिंडे, कच्चा पपीता, मूली, टमाटर खाएं। ये सब्जियां शरीर को साफ करती हैं और इम्यूनिटी बढ़ाती हैं।
– अनार, मौसमी, पका हुआ पपीता, नारियल और नारियल पानी पिएं।
– मुनक्का और बादाम लाभदायक हैं। 3-4 मुनक्का या बादाम को दूध में उबालकर रात में खाएं।
इन चीजों से बचें
– इस समय ठंडी चीजें और फ्रिज में रखी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, दही खाने से बचें।
– खट्टी चीजें, ज्यादा मिर्च-मसाले वाली चीजें, डीप फ्राइड फूड आदि न खाएं।
– मैदा से बनी चीजें न लें। ब्रेड से भी बचें।
– भिंडी, मटर, गोभी, पनीर, मशरूम आदि सब्जियां न खाएं तो बेहतर रहेगा। पका केला, शकरकंद जैसी चीजें न लें।
अस्थमा वाले क्या न खाएं
वैसे लोग जिन्हें अस्थमा है वे लहसुन, प्याज, अदरक, दूध-दही आदि का सेवन कम से कम करें। इसके अलावा रोजाना एक चम्मच त्रिफला लें।
हार्ट प्रॉब्लम वाले हल्का खाएं
हार्ट प्रॉब्लम वाले लोग हल्का खाना खाएं। ओट्स, काला चना, चने का सत्तू, फ्राइड न खाएं, हेवी चीजें न खाएं, नॉनवेज कम खाएं, रात को कम खाएं।
खाने के बीच ज्यादा गैप न रखें
डायबीटीज से पीड़ित लोग खाने में गैप ज्यादा न रखें। मिक्स आटे की रोटी खाएं। आटा, चावल कम खाएं।
सूप पिएं
च्यवनप्राश खाएं, सूप पिएं, सरसों और तिल का तेल ज्यादा अच्छा है। खाना बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करें। कार्ब्स (अनाज, आटा, चावल, सूजी आदि) कम खाएं।
काली मिर्च के साथ गुड़
गुड़ से फेफड़े साफ होते हैं। त्रिकटू चूर्ण (काली मिर्च) दो ग्राम हर दिन खा सकते हैं। इससे अस्थमा की समस्या कम होती है, फेफड़े साफ होते हैं।
गुनगुना पानी पिएं
गर्म या गुनगुना पानी अच्छा है। हर दिन तीन लीटर पानी काफी है। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग जरूरत के हिसाब से ही पानी पिएं।
-एजेंसियां

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