विहिप की धर्मसभा से पहले किले में तब्दील अयोध्‍या, दो लाख लोग जुटने का दावा

अयोध्या। राम मंदिर के लिए विहिप (विश्व हिंदू परिषद) की धर्मसभा और शिवसेना के मेगा शो से एक दिन पहले अयोध्या किले में तब्दील है। पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है और अयोध्यावासी थोड़ा आशंकित। दावा है कि रविवार को अयोध्या में करीब दो लाख लोग जुटेंगे। इसमें 1 लाख आरएसएस, 1 लाख विहिप और करीब 5 हजार शिवसेना के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। 1992 में बाबरी ढांचे को ढहाए जाने के बाद अयोध्या में यह सबसे बड़ा जमावड़ा माना जा रहा है।
बता दें कि मुंबई से शिवसैनिक दो दिन पहले से अयोध्या का रुख कर चुके थे जबकि पार्टी चीफ उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे चार्टर्ड विमानों से आज दोपहर अयोध्या पहुंचेंगे।
धारा 144 के घेरे में अयोध्या
अयोध्या में इतनी बड़ी तादाद में इस मूवमेंट के मद्देजर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। अर्द्धसैनिक बलों के जवान, राज्य का खुफिया विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुक्रवार से ही शहर में मौजूद हैं। शहर को आठ जोनों और 16 सेक्टर्स में बांटा गया है। शहर में पीएसी की 20 कंपनियां, अर्द्धसैनिक बल की सात और रैपिड ऐक्शन फोर्स की दो कंपनियों को तैनात किया गया है। अल्पसंख्यक परिवारों में असुरक्षा की खबरों के बीच पूरे अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई है। राज्य सरकार ने लखनऊ जोन के एडीजी आशुतोष पांडेय और झांसी रेंज के आईजी एसएस बघेल को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए भेजा गया है।
आरएसएस के एक लाख कार्यकर्ता पहुंचेंगे अयोध्या
आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रचारक ने वाराणसी ने कहा, ‘करीब 1,322 बसों और 1,546 फोर वीलर्स में 80 हजार वर्करों को लाया जाएगा। 14 हजार वर्कर मोटरसाइकिल और करीब 15 हजार वर्कर ट्रेन के जरिए अयोध्या पहुंचेंगे।’
सूत्रों का कहना है कि इन दोनों संगठनों में से करीब एक लाख आरएसएस और इतने ही विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता रविवार को अयोध्या में जुटने वाले हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में साधु-संत भी यहां जुटेंगे।
विश्व हिंदू परिषद के आयोजकों का कहना है कि वे रविवार के आयोजन के लिए फूड पैकेट्स तैयार कर रहे हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जुटकर मेगा-शो से 2019 लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की बीजेपी सरकार पर अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का दबाव डालने की तैयारी है।
शिवसेना भी दिखाएगी ताकत
शिवसेना भी इस मेगा शो में अपना ताकत प्रदर्शन करने वाली है। ठाणे से पांच ट्रेनों से करीब 3-4 हजार कार्यकर्ता अयोध्या पहुंच रहे हैं। अयोध्या शिवसेना के भगवे झंडे से पट गया है। दो दिन के इस कार्यक्रम में पार्टी के 22 सांसद और 62 विधायकों के भी यहां पहुंचने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के लिए पार्टी ने एक महीने पहले ही अयोध्या और उसके आसपास को होटलों को बुक कर लिया था।
3000 मुस्लिम भी पहुंचेंगे
शहर में अल्पसंख्यक समुदाय के डरे होने की खबरों के बीच धारा 144 लागू कर दी गई है। धर्मसभा में मुस्लिम भी पहुंचेंगे, जिसका जिम्मा संघ ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को सौंपा है। मंच से जुड़े और सुन्नी सोशल फोरम के संयोजक रईस खान कहते हैं कि हमारे पास करीब 3000 लोगों की सूची है, जो धर्मसभा में शामिल होंगे। राम हमारे नबी हैं। हम बसों से लोगों को ले जा रहे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
सुरक्षा को प्रशासन मुस्तैद
कमिश्नर डीएम डीआईजी व सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में हर हाल में लॉ ऐंड ऑर्डर को बनाए रखने की रणनीति बनी है। प्रभारी एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि राम जन्म भूमि परिसर के चारों तरफ त्रिस्तरीय बैरीकेडिंग करवाई गई है। इसके चारों तरफ वीडियो कैमरे सीसी कैमरे, ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। 47 कंपनी पीएसी व सिविल पुलिस अयोध्या में तैनात कर दी गई है। पूरी सख्ती के साथ चेकिंग अभियान भी चल रहा है।
पहले मंदिर फिर सरकार के पोस्टर
अयोध्या व फैजाबाद नगरों में शिवसेना के ‘पहले मंदिर फिर सरकार’ के स्लोगन लिखी करीब 150 बड़ी छोटी होर्डिंग व पोस्टर कटआउट लग गए हैं। पोस्टरों में लिखे स्लोगनों को देखकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। वहीं, धर्म सभा को लेकर वीएचपी व संघ परिवार तैयारी पूरी करने में जुटा है। 13 से ज्यादा पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा भोजन यातायात व आवास समितियों के प्रभारियो का कहना है धर्म सभा की व्यवस्था अब अंतिम चरण में है।
रामलला के दर्शन पर कोई रोक नहीं
डीएम डॉ. अनिल कुमार पाठक के मुताबिक दर्शन पर किसी तरह से रोक नहीं है पर सुरक्षा के मद्देनजर सीमित संख्या में लोगों को दर्शन करने के लिए विवादित परिसर में विराजमान राम लला के मंदिर मे दर्शन करने के लिए भेजा जाएगा। वहीं कमिश्नर मनोज मिश्र ने लॉ ऐंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए सख्त व मजबूत व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। अयोध्या में 23 नवम्बर से लेकर 25 नवम्बर तक सुरक्षा लेकर छावनी जैसी व्यवस्था बनाई गई है।
-एजेंसियां

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