अयोध्या में Ram Mandir निर्माण को लेकर चढ़ने लगा सियासी पारा

Ram Mandir निर्माण को लेकर हाल ही में प्रवीण तोगड़िया व संजय राउत सक्रिय रहे

अयोध्या। चुनावी हवा चलते ही फिर से राजनेताओं को याद आने लगे श्री राम और उनकी अयोध्या, साथ ही फिर से याद आने लगी उनकी जन्म भूमि के निर्माण की। वह भी इसलिए कि फिर से मुद्दे को हवा देकर दोबारा राजपाट को प्राप्त किया जा सके।

कोई राम के बूते अपनी राजनैतिक पार्टी बना कर सत्ता को पाना चाहता है तो कोई अपनी पार्टी को महाराष्ट्र से बाहर विस्तार कर अयोध्या से देश पर राज करने का सपना देख रहा है, तो कोई चुनाव आते ही फिर से राम के भरोसे दुबारा सत्ता पाना चाहता है, सभी अपने – अपने तरह से सत्ता पाने के सपने देख रहे हैं।

राजनैतिज्ञों को शायद यह आभास हो गया है कि अयोध्या मुद्दे को हथिया कर राजसिंहासन की प्राप्ति की जा सकती है इसीलिए इन दिनों अयोध्या राजनीतिज्ञों का अखाड़ा बना हुआ है।

विगत दिनों विश्व हिन्दू परिषद से बेदखल किये गये डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने अपने नए संगठन अंतर्राष्ट्रीय विश्व हिन्दू परिषद् का गठन कर अयोध्या में राम जन्मभूमि निर्माण के मुद्दे को लेकर हजारों समर्थकों के साथ सरकार को अपनी शक्ति से परिचित कराते हुए अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान कर दिया। वे देश पर राज करने का सपना देख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी का अन्य प्रदेशों में विस्तार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के क्षेत्रो को खासकर मजबूत बनाने की फ़िराक में अपना रुख अयोध्या की तरफ कर रहे हैं।

उद्धव ठाकरे 25 नवम्बर को अयोध्या का दौरा भी करने जा रहे हैं जिसकी सूचना शिव सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्य सभा सदस्य संजय राउत ने अयोध्या आकर दी। उन्‍होंने कहा भी राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की बात सबसे पहले शिव सेना ने ही किया था अब उसे अन्य लोग भी कह रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी को भी अब लगने लगा है की दुबारा सत्ता पाने का यही रास्ता है और इसी लिए उसका समर्थित संगठन विश्व हिन्दू परिषद भी राम मंदिर निर्माण मिशन को तेज कर दिया है।

विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने कहा Ram Mandir निर्माण के लिए पत्थरों के तराशने का कार्य तेज कर दिया गया है और अभी सत्तर ट्रक से अधिक पत्थर और आने हैं एवं पत्थर तराश रहे कारीगरों की संख्या भी और बढ़ानी पड़ेगी जिसके लिए हम पीछे नहीं हैं।

अब लोकसभा चुनाव तक लगता है इसी तरह अयोध्या में राजनीतिज्ञों की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है और राम मंदिर मुद्दे की गर्माहट इसी तरह बनाई रखने की पूरी संभावना है।

रिपोर्ट: संदीप श्रीवास्तव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »