अगस्टा-वेस्टलैंड डील: ईडी को मिली क्रिस्चन मिशेल की 7 दिन की रिमांड

वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्टा-वेस्टलैंड खरीद मामले में गिरफ्तार ब्रिटिश बिचौलिए क्रिस्चन मिशेल को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सात दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
बता दें कि मिशेल का दावा है कि उसने इस डील के लिए पूरी यूपीए कैबिनेट को अपने इशारों पर चलाने की कोशिश की थी। भारत की चर्चित अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील में बिचौलिए की भूमिका निभाने के ब्रिटिश आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को 4 दिसंबर को भारत लाया गया था।
मिशेल पर इस डील में दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने और रिश्वत लेने-देने का आरोप है। फरवरी 2017 में यूएई में गिरफ्तार हुए मिशेल के खिलाफ भारतीय कोर्ट द्वारा गैर-ज़मानती वॉरंट जारी करने के बाद सीबीआई और ईडी ने इसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। वह ब्रिटिश कंपनी अगस्टा वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड के सलाहकार की हैसियत से इस डील में शामिल था।
अगस्टा वेस्टलैंड डील की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुई थी, जिसके बाद मनमोहन सरकार में यह आगे बढ़ी और इस पर विवाद हुआ। 2014 में मोदी सरकार आने से पहले यूपीए-2 ने इस डील को रद्द कर दिया था।
बता दें कि सीबीआई को एक फैक्स मेसेज का पता चला है जो मिशेल ने उस समय अगस्टा-वेस्टलैंड के इंटरनैशनल बिजनस के वाइस प्रेजिडेंट जियाकोमो सैपोनारो को जनवरी 2010 में भेजा गया था। इस मेसेज में मिशेल ने दावा किया था कि वह उस समय के फाइनैंस सेक्रटरी के दबाव से बाहर आ गया है। मिशेल ने इस फैक्स में यह भी दावा किया था कि तत्कालीन फाइनैंस सेक्रटरी रशियन लॉबी की तरफ झुकाव रखते थे।
मिशेल ने दावा किया था कि भारतीय वायुसेना को बेचे जाने 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर्स में यूएस और रूस की कंपनियों को पीछे छोड़ने के लिए यूपीए की पूरी कैबिनेट को अपने समर्थन में करना होगा। सीबीआई को इटली से मिले इस फैक्स के मुताबिक, मिशेल को उस समय वित्त और रक्षा मंत्रालय में होने वाली फाइलों के मूवमेंट के बारे में पूरी जानकारी थी। सीबीआई का कहना है कि मिशेल को उस समय के रक्षा मंत्री एके एंटनी से पहले फाइलों के बारे में जानकारी मिल जाती थी।
सूत्रों का कहना है कि बिचौलिए मिशेल ने अगस्टा वेस्टलैंड के अपने आकाओं को यह बता रखा था कि उसने ‘बहुत ऊंची पहुंच’ के जरिए कई बाधाओं को पार करने के बाद यह डील कराई है। उसने बेहद आत्मविश्वास के साथ सैपोनारो को बताया था कि रूस और अमेरिका के दबाव के बावजूद कैबिनेट उनके समर्थन में कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दे देगी।
18 जनवरी 2010 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी ने 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर्स के मामले में अगुस्टा वेस्टलैंड के सौदे को मंजूरी दे दी थी। सीबीआई के अधिकारियों को शक हैं कि मिशेल ने यह फैक्स कैबिनेट कमिटी के फैसले के तुरंत पहले अपने मुंबई ऑफिस से भेजा था। जनवरी 2014 में लोकसभा चुनाव से कुछ वक्त पहले ही यूपीए-2 सरकार ने अगस्टा वेस्टलैंड के साथ यह डील रद्द कर दी।
-एजेंसियां

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