म्यूचुअल फंड उद्योग का संपत्ति आधार सितंबर में 12 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्‍ली। म्यूचुअल फंड उद्योग का संपत्ति आधार सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में इससे पिछली तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर 27.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके पीछे की मुख्य वजह शेयर बाजारों में उछाल आना है।
भारतीय म्यूचुअल फंड संघ AMFI के मुताबिक उद्योग की 45 कंपनियों के विभिन्न कोषों के तहत अप्रैल- जून तिमाही में 24.63 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति प्रबंधनाधीन थी जो कि जुलाई से सितंबर तिमाही में 12 प्रतिशत बढ़कर 27.6 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं जून तिमाही में इसमें आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। सितंबर तिमाही के दौरान सभी 10 प्रमुख म्युचुअल फंड कंपनियों में प्रबंधन के तहत आने वाली संपत्ति में वृद्धि दर्ज की गई। इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल म्युचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सनलाइफ म्युचुअल फंड, निप्पोन इंडिया म्युचुअल फंड, कोटक म्युचुअल फंड, एक्सिस म्चुअल फंड, यूटीआई म्युचुअल फंड, आईडीएफसी म्युचुअल फंड और डीएसपी म्युचुअल फंड शामिल हैं। यह गौर करने वाली बात है कि एक्सिस म्युचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्युचुअल फंड और कोटक म्युचुअल फंड ने इस दौरान पूरे उद्योग की औसत वृद्धि 12 प्रतिशत से भी अधिक 14 से 16 प्रतिशत के बीच वृद्धि दर्ज की है। प्राइमइन्वेस्टर डॉट इन की सह- संस्थापक विद्या बाला ने कहा कि बाजार में तेजी आने से म्यूचुअल फंड उद्योग में तिमाही दर तिमाही आधार पर वृद्धि हुई है अन्यथा इससे पहले इक्विटी कोषों से धन की निकासी खुदरा निवेशकों का इनमें विश्वास कम होना दर्शाता रहा है। कोविड- 19 के कारण जो अनिश्चितता बढ़ी है उससे भी निवेशकों को अपना धन नकदी में रखना ही बेहतर लग रहा था। देश के सबसे बड़े साझा कोष एसबीआई म्युचुअल फंड का संपत्ति आधार दूसरी तिमाही में 15.6 प्रतिशत बढ़कर 4,21,364 करोड़ रुपये पर पहुंच गया इससे पिछली तिमाही में उसका संपत्ति आधार 3,64,363 करोड़ रुपये पर था। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का संपत्ति आधार जून तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही मं 5.4 प्रतिशत बढ़कर 3,75,516 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी प्रकार आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल म्युचुअल फंड का संपत्ति आधार 10.3 प्रतिशत बढ़कर 3,60,049 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आदित्य बिड़ला सनलाइफ म्युचुअल फंड और निपोन इंडिया एमएफ का संपत्ति आधार 11 प्रतिशत बढ़कर क्रमश: 2,38,674 करोड़ और दो लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक हो गया।
-एजेंसियां

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