पीएम का आदेश मिलते ही दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में शांति कायम करने उतरे एनएसए डोभाल

नई दिल्‍ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन के नाम पर देश की राजधानी दिल्ली शुरू हुआ उपद्रव अब शांत होता हुआ दिख रहा है। मंगलवार से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस उपद्रव को शांत कराने के लिए हर संभव कोशिश में जुट गए थे। इसके बाद मंगलावार देर शाम को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल से कहा गया है कि वे देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था को सामान्य करने के लिए कार्य करें। आदेश मिलते ही अजित डोभाल दिल्ली की गलियों में घूम-घूमकर लोगों से हालात का जायजा लिया।
पीएम मोदी ने डोभाल को मैदान में भेजा
उपद्रव के बाद नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की आई तस्वीरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी आहत हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को दंगा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात सामान्य बनाने के निर्देश दिए हैं।
जमीन पर उतरकर लोगों से मिले डोभाल
पीएम मोदी के आदेश पर एनएसए डोभाल हिंसाग्रस्त इलाके की गलियों में घूमते हुए देखे गए। उन्होंने मौजपुर, जाफराबाद, चांदबाग के इलाकों का दौरा किया। यहां वे लोगों से पूछते दिखे की उन्हें क्या परेशानी है। इस दौरान मीडिया से बातचीत में डोभाल ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। स्थानीय लोग पुलिस के काम से संतुष्ट हैं।
यहां बता दें कि इस उपद्रव में 22 लोगों की जान गयी है और करीब 200 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिम्मेदारी मिलने के तुरंत बाद डोभाल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक और नव नियुक्त विशेष आयुक्त एस एन श्रीवास्तव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देर रात में दौरा किया।
आदेश मिलते ही एक्शन में आए अजित डोभाल
उन्होंने जाफराबाद और सीलमपुर सहित उत्तर-पूर्वी दिल्ली के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहां पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और जरूरी निर्देश दिए। इसके अलावा माहौल शांत करने के लिए अलग-अलग समुदायों के नेताओं से भी भेंट की।
अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के समय ही राष्ट्रीय राजधानी में भड़की हिंसा पर लगाम लगाने में नाकामी पर पटनायक के आलोचनाओं में घिरने के बाद माना जा रहा है कि डोभाल ने श्रीवास्तव को खुद चुना है। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है।
मुश्किल हालातों से निपटने के माहिर शख्स हैं डोभाल
हिंसा प्रभावित इलाकों में जमीनी हालात का मुआयना करने के बाद डोभाल ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) को सांप्रदायिक दंगे के शिकार हुए इलाकों की स्थिति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने सीसीएस को हिंसा को शांत करने और जल्द से जल्द हालात सामान्य बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया।
प्रधानमंत्री के अलावा सीसीएस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर हैं। खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख डोभाल (75) मुश्किल हालात से निपटने के लिए जाने जाते हैं । उन्हें प्रधानमंत्री का विश्वस्त भी माना जाता है । पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद डोभाल ने एक पखवाड़ा से ज्यादा समय तक जम्मू कश्मीर में रहकर हालात की निगरानी की थी।
प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च
हिंसा के बीच जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी में पुलिस और अर्द्धसैनिकबल लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व खुद डीसीपी ब्रह्म प्रकाश सूर्या कर रहे हैं। इलाके में सभी मेट्रो स्टेशनों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। इसके अलावा हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों में जहां सोमवार और मंगलवार को हिंसा हुई थी, वहां सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है। पुलिस की तरफ से लगातार ऐलान किया जा रहा है कि एक जगह इकट्ठे न हो, पुलिस लोगों को ताकीद कर रही है कि अफवाह पर ध्यान न दें।
सभी मेट्रो स्टेशन खुले
उधर, दिल्ली मेट्रो (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, ‘सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। सभी स्टेशनों में सामान्य सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं।’ लेकिन मेट्रो में लोगों की आवाजाही बेहद कम है। इस बीच गोकलपुरी इलाके में जिस टायर मार्केट को मंगलवार को आग के हवाले कर दिया गया था, आज भी फायर ब्रिगेड के लोग आग बुझाते हुए दिखे। आग इतनी भयानक लगी थी की आज भी बीच-बीच मे आग की लपटों और धुआं को देखा जा सकता है।
सीएम ने सेना की डिमांड की
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्थिति चिंताजनक हो गई है और अब सेना को बुलाया जाना चाहिए क्योंकि पुलिस ‘हालात काबू में करने में नाकाम’ है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री को इस संबंध में पत्र लिख रहे हैं। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘पूरी रात मैं बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क में रहा हूं। स्थिति चिंताजनक है। पुलिस तमाम प्रयासों के बावजूद स्थिति को काबू नहीं कर पा रही है और लोगों में आत्मविश्वास नहीं भर पा रही है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘अब सेना को बुलाया जाना चाहिए और शेष प्रभावित इलाकों में फौरन कर्फ्यू लगा देना चाहिए। मैं माननीय गृह मंत्री को इस संबंध में पत्र लिख रहा हूं।’ जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार घायलों की संख्या अब 189 हो गई है, हालांकि अस्पताल में हालात नियंत्रण में है। मंगलवार को मृतक संख्या 13 थी। जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुनील कुमार ने कहा, ‘बुधवार को मृतक संख्या बढ़कर 22 हो गई।’
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »