लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही PHDCCI ने मांगा प्रोत्‍साहन पैकेज

नई दिल्‍ली। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री PHDCCI ने लॉकडाउन की बढ़ी हुई अवधि के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्होंने जो सात वचन सुझाए हैं, उसका उद्योग जगत अक्षरस: पालन करेगा। साथ ही सरकार से कहा है कि इतने दिनों के लॉकडाउन से जूझने के लिए सरकार को बिना देर किए बढ़े हुए प्रोत्साहन पैकेज भी घोषित करना चाहिए। संगठन का कहना है कि अब उद्योग जगत को कुल मिलाकर 15 से 16 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की दरकार है।
PHDCCI के अध्यक्ष डी के अग्रवाल ने हमसे बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री ने भी जो भी कहा, वह स्वागतयोग्य है। उन्होंने जिन सात वचनों की बात की, वह भी इस महामारी से जान बचाने में सहायक है इसलिए उद्योग जगत अपने यहां इसका पूरा पालन करेगा।
अब प्रोत्साहन पैकेज को बढ़ाने की जरूरत
अग्रवाल का कहना है कि वह महामारी कोविड-19 के व्यापक दुष्प्रभावों और प्रसार के खिलाफ अपने लोगों, अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग की सुरक्षा के लिए सरकार के सक्रिय और तेज तर्रार उपायों की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार प्रोत्साहन पैकेज की भी जल्द घोषणा करेगी। पहले जो 21 दिन का लॉकडाउन हुआ था, उसमें अनुमान लगाया गया था कि इससे लड़ने के लिए जीडीपी के 5 फीसदी सरकारी प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत होगी। इस हिसाब से यह रकम 11 लाख करोड़ रुपए बैठता था। अब इसकी अवधि बढ़ गई है इसलिए अब उद्योग जगत को 15 से 16 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की जरूरत पड़ेगी।
पहले ही मिल चुका है दो लाख करोड़ का पैकेज
PHDCCI का कहना है कि सरकार ने पहले ही 2 लाख करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा कर दी है। अब उनकी उम्मीद है कि व्यापार और उद्योग को बचाने के लिए सरकार विभिन्न राहत उपायों और लाभों के मामले में शेष 14 लाख करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज की भी घोषणा जल्द ही हो जाएगी।
विस्तृत गाइडलाइन से मिलेगा क्लू
डी के अग्रवाल का कहना है कि प्रधानमंत्री ने एक दिन में ही विस्तृत गाइडलाइन जारी करने की बात कही है। अब उद्योग जगत को इसी का इंतजार है। इसी से कुछ क्लू मिलेगा कि कहां राहत मिलेगी या इस राहत में आर्थिक गतिविधियां भी चलेंगी या नहीं चलेंगी।
देश के 400 जिलों में चल सकती हैं गतिविधियां
उनका कहना है कि इस समय देश के सभी जिलों में कोरोना वायरस का प्रकोप नहीं है। सरकार की तरफ से जो आंकड़े आ रहे हैं, उसके मुताबिक देश के 350 से 400 जिलों में सावधानी का पालन करते हुए कुछ आर्थिक गतिविधियां चल सकती हैं। इसलिए उम्मीद है कि सरकार इस ओर भी ध्यान देगी।
-एजेंसियां

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