अरविंद कुमार मिश्रा बने UPPSC के परीक्षा नियंत्रक

लखनऊ। मऊ के मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा को UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) के परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। यूपी के मऊ जिले के मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। विशेष सचिव धनंजय शुक्ला द्वारा दिए गए शासनादेश के मुताबिक अरविंद को तत्काल पदग्रहण करने को कहा गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर वो तुरंत पद नहीं ग्रहण करते हैं तो अनुशासिक कार्यवाही की जाएगी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की जगह मऊ के मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा को तैनात किया गया है। परीक्षा पेपर मामले में घिरी अंजू कटियार अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

12 जून को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने पुलिस की अपील पर आरोपी अंजू की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी थी। इसके बाद उन्हें जिला कारगार भेज दिया।

UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) का ये है मामला
29 जुलाई 2018 को बनारस में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी से पश्चिम बंगाल सीआईडी को मिली इस जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। अशोक की सूचना पर 27 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को एसटीएफ ने चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

कौशिक ने बताया कि एलटी ग्रेड परीक्षा के पेपर उसकी प्रेस में छपे थे और प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर उसने 28 जुलाई 2018 को सॉल्वर गैंग के पास बनारस भिजवाया था। कौशिक ने यह भी बताया कि इस काम में अंजू की मिलीभगत थी और इसके बदले में उसने उन्हें 26 मई को 10 लाख रुपये दिए थे।

इसके अलावा जब भी लोक सेवा आयोग के पेपर छपते थे तो मिलने वाली धनराशि में वह 5 प्रतिशत कमीशन अंजू को देता था। इस आधार पर चोलापुर थाने में अंजू सहित नौ के खिलाफ केस दर्ज कर कर कौशिक को जेल भेज दिया गया। इसके बाद अंजूलता कटियार ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अदालत में जमानत अर्जी दायर की थी।
-एजेंसी

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